पश्चिम बंगाल का नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NSCBI), कोलकाता देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में गिना जाता है। इसकी खास बात यह है कि भारत में यही एकमात्र ऐसा एयरपोर्ट है जिसके ऑपरेशनल क्षेत्र में 130 साल पुरानी मस्जिद मौजूद है।
यह बांकरा मस्जिद सेकेंडरी रनवे के उत्तरी छोर के बेहद करीब स्थित है, जिससे विमानन सुरक्षा एजेंसियों में चिंताएं उभरती रही हैं।
एयरपोर्ट से भी पुरानी मस्जिद — कैसे पहुंची रनवे के भीतर?
बांकरा मस्जिद लगभग 1890 में बनी मानी जाती है और करीब 1,200 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थित है।
20वीं सदी की शुरुआत में एयरड्रोम विकसित हुआ और बाद में 1960 के दशक में विस्तार हुआ, जिसके दौरान एयरपोर्ट की सीमा बढ़ी और यह मस्जिद नए क्षेत्र में शामिल हो गई।
धीरे-धीरे यह धार्मिक ढांचा फ्लाइट सेफ्टी ज़ोन के अंदर आ गया — और अधिकारियों को इसका पता भी काफी देर से चला।
मामला फिर गर्माया — सुरक्षा बनाम आस्था
रनवे से 300 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित मस्जिद को लेकर वर्षों से बहस होती रही है।
बुधवार को यह मुद्दा फिर सुर्खियों में आया, जब BJP प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की ओर से उठाए गए सवाल और सिविल एविएशन मंत्रालय (MoCA) के जवाब सार्वजनिक हुए।