रांची में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में टीम इंडिया की जीत और अपने शानदार शतक के बाद विराट कोहली ने अपनी तैयारी और खेल के नजरिए पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ज्यादा अभ्यास पर नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती पर भरोसा करते हैं।
वनडे भविष्य पर उठते सवालों के बीच रिकॉर्ड शतक
2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विराट ने अपने प्रदर्शन से फिर साबित किया कि वह अब भी वनडे के बादशाह हैं।
उन्होंने अपना 52वां वनडे शतक जड़ा और एक ही प्रारूप में सबसे ज्यादा शतक लगाने का रिकॉर्ड बना दिया।
120 गेंदों पर 11 चौके और 7 छक्कों की मदद से बनाए गए 135 रन हाल के दिनों में उनका सबसे यादगार शतक बन गए।
“आनंद के माहौल में रहना चाहता हूँ” — विराट कोहली
विराट ने मैच के बाद कहा:
“मैं बस खेल का आनंद लेना चाहता हूँ।”
“शुरुआत के बाद मैं स्थिति के अनुसार ढल जाता हूँ। अनुभव काम आता है।”
“मेरा पूरा क्रिकेट मानसिक रहा है। मैं तैयारी में कम और मानसिक मजबूती में ज्यादा विश्वास रखता हूँ।”
उन्होंने बताया कि 37 साल की उम्र में उन्हें रिकवरी के लिए अधिक समय चाहिए, इसलिए मैच से पहले उन्होंने आराम किया था।
टेस्ट क्रिकेट में वापसी पर पक्की बात — “मैं सिर्फ एक फॉर्मेट खेल रहा हूँ”
घरेलू मैदान पर 0-2 की हार के बाद बीसीसीआई द्वारा उनसे टेस्ट में वापसी के अनुरोध की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए विराट ने साफ कहा:
“मैं खेल का सिर्फ एक ही प्रारूप खेल रहा हूँ, और यह आगे भी ऐसा ही रहेगा।”
उन्होंने कहा कि 300 से ज्यादा मैच खेलने के बाद खिलाड़ी जानता है कि उसकी फिटनेस, रिफ्लेक्स और मानसिक ऊर्जा कब सही है।