केंद्रीय मंत्री रणवीत सिंह बिट्टू ने दावा किया है कि ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़े कुछ खालिस्तान समर्थक तत्व उनकी और अन्य पंजाब के नेताओं की हत्या की साजिश रच रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि इस साजिश का खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ व्हाट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट से हुआ है।
अमृतपाल सिंह की हिरासत बढ़ने पर गुस्सा
लीक हुई चैट के अनुसार, ये तत्व राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत अमृतपाल सिंह की हिरासत को एक साल और बढ़ाए जाने से नाराज़ हैं।
चैट में केंद्रीय मंत्री रणवीत बिट्टू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाना बनाने की योजना की बातें सामने आई हैं।
गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह, जो फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं, 23 अप्रैल 2023 को गिरफ्तार किए गए थे और वर्तमान में एनएसए के तहत हिरासत में हैं। वे खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद भी हैं।
आप सरकार पर नरमी का आरोप
बिट्टू ने आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार पर हमला करते हुए कहा कि वह राजनीतिक कार्यकर्ताओं के वेश में छिपे आपराधिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों पर नरमी बरत रही है।
उन्होंने कहा,”केंद्र सरकार पंजाब में अस्थिरता फैलाने वाली ताकतों को बर्दाश्त नहीं करेगी। हम राज्य की शांति और एकता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
परिवार की शहादत और संकल्प की बात
बिट्टू ने अपने दादा, पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के बलिदान को याद करते हुए कहा,”मेरे दादा ने पंजाब में शांति बहाल करने के लिए अपनी जान दी थी। मैं शहीदों के परिवार से आता हूं और ऐसे चरमपंथी तत्वों की धमकियों से डरने वाला नहीं हूं।”उन्होंने स्पष्ट कहा कि पंजाब को दोबारा अंधकार की ओर नहीं जाने देंगे और जो लोग इस साजिश में शामिल हैं, उन्हें परिणाम भुगतने होंगे।
बिट्टू के आरोपों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। अब देखना यह है कि इस मामले पर केंद्र और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई क्या होती है।