जीजा- केवल दो तरह के आदमी औरत को समझ नहीं पाते
साली- कौन-कौन?
जीजा- कुंवारे और विवाहित
साली- और जो समझ जाते हैं वो?
जीजा- वो तो फिर साधु-संत बनकर आश्रम पकड़ लेते हैं…..
मैंने पूछा चांद से देखा है कहीं मेरे यार सा हसीं,
चांद ने कहा- इश्क में अंधा तू है, मैं नहीं…..
चांद ने लड़कियों पर गुस्सा करते हुए कहा-
जब लड़कियां कुंवारी होती हैं, तो चांद में अपना होने वाला पति देखती हैं
और जब शादी हो जाती है, तो अपने बच्चों से कहती है-
वो देखो चंदा मामा….