कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने शुक्रवार को भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के बयान साझा करते हुए केंद्र की विदेश नीति पर कटाक्ष किया।
US ट्रेड डील में भारत के पीछे रहने पर व्यंग्य
रमेश ने लटनिक के पॉडकास्ट क्लिप के साथ एक व्यंग्यात्मक हिंदी श्लोक साझा किया:
“हग हग ना रहा, पोस्ट पोस्ट ना रहा, क्या से क्या हो गया बेवफा तेरे दोस्ती में।”
इस पोस्ट के जरिए उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में भारत की भूमिका और प्रधानमंत्री मोदी की जिम्मेदारी पर सवाल उठाया।
लटनिक का दावा: सीधे नेतृत्व स्तर की भागीदारी जरूरी थी
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने ‘ऑल-इन पॉडकास्ट’ में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता इसलिए नहीं हो पाया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया।
लटनिक ने कहा:“मैं अनुबंधों पर बातचीत करता और पूरे सौदे को तैयार करता, लेकिन अंतिम निर्णय राष्ट्रपति का है। आपको मोदी से बात करनी होगी, राष्ट्रपति को फोन करना होगा। वे ऐसा करने में असहज थे, इसलिए सौदा नहीं हुआ।”
अन्य देशों के साथ सफल सौदे
लटनिक ने बताया कि उसी सप्ताह अमेरिका ने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ कई व्यापार समझौते किए। उन्होंने यह भी कहा कि जो देश पहले आगे आए उन्हें सर्वोत्तम शर्तें मिलीं, जबकि जो बाद में आए, उन्हें अधिक कठिन शर्तों का सामना करना पड़ा।
‘सीढ़ीनुमा’ व्यापार रणनीति और भारत
लटनिक ने ट्रंप की व्यापक व्यापार वार्ता रणनीति को ‘सीढ़ीनुमा’ मॉडल बताते हुए कहा कि भारत का नाम कई बार सार्वजनिक रूप से लिया गया, लेकिन अंतिम दौर में सीधे नेतृत्व स्तर की भागीदारी न होने के कारण सौदा संभव नहीं हो पाया।
राजनीतिक हलचल
जयराम रमेश का यह व्यंग्यात्मक पोस्ट और अमेरिकी वाणिज्य सचिव का बयान भारत-अमेरिका संबंधों और केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सियासी बहस का नया मुद्दा बन गया है।