भाजपा की तमिलनाडु इकाई की कमान अब नैनार नागेन्द्रन को सौंपी जा चुकी है। साथ ही AIADMK के साथ गठबंधन के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका मिल सकती है।
क्या खत्म हो रही है अन्नामलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें?
बीते कुछ समय से खबरें थीं कि अन्नामलाई को भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। लेकिन अब इन अटकलों पर विराम लगता नजर आ रहा है।
भाजपा के अगले अध्यक्ष को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि RSS की पसंद को तरजीह मिलेगी, वहीं कुछ के मुताबिक मोदी-शाह की पसंद से फैसला होगा। कोई कहता है कि दक्षिण भारत से चेहरा चुना जाएगा, तो कुछ महिला अध्यक्ष की संभावना भी जता रहे हैं।
तेजस्वी सूर्या को लेकर चर्चा तेज, अन्नामलाई को नई जिम्मेदारी?
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी सूर्या को अन्नामलाई की जगह आगे लाया जा सकता है। अन्नामलाई को अब भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा चल रही है।
अन्नामलाई: मोदी के भरोसेमंद, साफ-सुथरी छवि के तेजतर्रार नेता
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई को एक ईमानदार और साफ छवि वाला नेता माना जाता है।
वे युवाओं में लोकप्रिय हैं और ‘सिंघम’ नाम से मशहूर हैं।
पीएम मोदी के करीबी माने जाते हैं और उन्हीं के कहने पर राजनीति में आए थे।
उनका कहना है, “मैं राजनीति में मोदी जी को देखकर आया हूं।”
मोदी सरकार में पहले भी कई अफसरों को मौका मिला है — आरके सिंह, एस. जयशंकर, असीम अरुण जैसे नाम उदाहरण हैं।
तमिलनाडु में भाजपा की पकड़ मजबूत करने में अन्नामलाई की भूमिका
तमिलनाडु जैसे कठिन राज्य में भाजपा की पकड़ मजबूत करने का श्रेय अन्नामलाई को दिया जाता है।
2019 में जहां पार्टी का वोट शेयर 3% था, वह अब बढ़कर 11% तक पहुंच गया है।
अन्नामलाई भाजपा को अकेले चुनाव लड़ाने के पक्षधर थे, जबकि पार्टी ने रणनीतिक रूप से AIADMK के साथ गठबंधन को चुना।
जातीय समीकरण बन रहे रोड़ा?
एक वरिष्ठ भाजपा नेता के मुताबिक, अन्नामलाई की स्थानीय संभावनाएं सीमित हो सकती हैं क्योंकि वे और AIADMK प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी, दोनों ही गौंडर जाति से आते हैं। ऐसे में पार्टी उन्हें केंद्र या संगठन में नई जिम्मेदारी देने की योजना बना सकती है।