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ईरान संकट: भारतीय छात्र तेहरान से निकाले गए, आर्मेनिया सीमा पर भी मदद

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ईरान में बिगड़ते हालात के मद्देनज़र, भारत सरकार ने तेहरान में रह रहे भारतीय छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम भारतीय दूतावास द्वारा सुरक्षा कारणों से उठाया गया।

अन्य नागरिकों को भी सलाह

भारतीय दूतावास ने अन्य भारतीय नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वे अपने संसाधनों से तेहरान छोड़ सकते हैं, तो मौजूदा स्थिति को देखते हुए ऐसा करें। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कुछ भारतीयों को आर्मेनिया की सीमा के रास्ते ईरान से बाहर निकलने में मदद दी गई है।

भारतीयों से तत्काल संपर्क की अपील

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि तेहरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से अपील की जाती है कि वे दूतावास से तुरंत संपर्क करें और अपनी लोकेशन व संपर्क जानकारी साझा करें।

आपातकालीन संपर्क नंबर (तेहरान):

कॉल: +98 9128109115, +98 9128109109

व्हाट्सएप: +98 901044557, +98 9015993320, +91 8086871709

अन्य शहरों के लिए: बंदर अब्बास – +98 9177699036, जाहेदान – +98 9396356649

नई दिल्ली में 24×7 नियंत्रण कक्ष

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है:

टोल-फ्री: 1800118797

अन्य नंबर: +91-11-23012113, 23014104, 23017905

व्हाट्सएप: +91 9968291988

इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच बढ़ा खतरा

ईरान और इजराइल के बीच पिछले पांच दिनों से लगातार संघर्ष जारी है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी के चलते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में चल रहा G7 शिखर सम्मेलन बीच में ही छोड़ दिया।

पीएम मोदी से मुलाकात रद्द

ट्रंप की इस अचानक वापसी के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक रद्द हो गई। ट्रंप सम्मेलन में 24 घंटे से भी कम समय के लिए उपस्थित रहे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने कहा,
“मध्य पूर्व की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति को तुरंत रवाना होना पड़ा।”

ट्रंप की चेतावनी और सोशल मीडिया पोस्ट

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में चेतावनी दी:
“हर किसी को तुरंत तेहरान खाली कर देना चाहिए!”
उन्होंने यह भी लिखा:
“ईरान को वो समझौता साइन कर लेना चाहिए था जो मैंने बताया था। अफसोस कि मानव जीवन की इतनी बर्बादी हो रही है। ईरान फिर वही गलती दोहरा रहा है।”

ट्रंप ने दोहराया कि “ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए” और अमेरिका इसे किसी भी कीमत पर रोकने को तैयार है।

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