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अंतरराष्ट्रीय मान्यता: दीपावली UNESCO धरोहर सूची में शामिल

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि यूनेस्को ने दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल कर लिया है। उन्होंने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया। दीपावली – प्रकाश और अच्छाई की जीत का प्रतीक – भगवान राम की अयोध्या वापसी की याद में मनाया जाने वाला विश्वव्यापी पर्व है।

PM मोदी ने व्यक्त की खुशी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि दीपावली सिर्फ त्योहार नहीं, भारत की संस्कृति और सभ्यता की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यूनेस्को सूची में शामिल होने से दीपावली की वैश्विक पहचान और भी मजबूत होगी।

यूनेस्को ने दीपावली का इस प्रकार किया वर्णन

दिवाली/दीपावली पूरे भारत में मनाया जाने वाला प्रकाश का उत्सव

नई फसल, नए वर्ष और नए मौसम की शुरुआत का प्रतीक

अक्टूबर/नवंबर में अमावस्या को मनाया जाता है

कई दिनों तक दीप जलाने, घर सजाने, आतिशबाजी और प्रार्थना का आयोजन

अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव

अन्य भारतीय परंपराएँ जो पहले से यूनेस्को सूची में शामिल

वर्ष परंपरा / आयोजन
2008 रामलीला
2014 ठठेरों की पीतल-तांबे बर्तन कला
2016 योग
2017 कुंभ मेला
2021 कोलकाता की दुर्गा पूजा
2023 गुजरात का गरबा
2024 नवरोज़
2025 दीपावली (नवीनतम शामिल)

अमूर्त सांस्कृतिक विरासत क्या है?

यूनेस्को के अनुसार —
वे प्रथाएँ, ज्ञान, कला, परंपराएँ और रीति-रिवाज जो समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा मानते हैं तथा पीढ़ियों से हस्तांतरित होते आए हैं। इन्हें संरक्षित करने के लिए 2003 कन्वेंशन अपनाया गया था।

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