पाकिस्तान के साथ डिफेंस डील करने वाले सऊदी अरब को भारत ने कड़ा जवाब दिया है।
जब सऊदी अरब और पाकिस्तान अपनी डील साइन कर रहे थे, उसी वक्त भारत ने उसके पड़ोसी और प्रतिद्वंद्वी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में बड़ा कदम उठाया।
सऊदी अरब की मुश्किलें
कट्टरपंथियों के ऐलान से सऊदी अरब की आंतरिक स्थिति बिगड़ सकती है।
उसका सबसे बड़ा प्रोजेक्ट बुरी तरह फेल हो रहा है।
वैश्विक स्तर पर सऊदी अरब पर कर्ज बढ़ता जा रहा है।
भारत ने यूएई में मचाया तहलका
भारत ने यह कभी नहीं चाहा कि सऊदी अरब उसका दुश्मन बने।
लेकिन सऊदी के भारत विरोधी रुख के बाद, भारत का प्रतिनिधिमंडल मिडिल ईस्ट में यूएई पहुँचा और वहां जाकर एक बड़ी डील का ऐलान किया।
यह डील सऊदी-पाकिस्तान की डील से भी बड़ी है और इससे यूएई का भविष्य सुरक्षित होगा, जबकि सऊदी अरब मुश्किल में फंस जाएगा।
निवेश और रोजगार की नई राह
भारत और यूएई ने तीसरे देशों में मिलकर बड़े पैमाने पर निवेश करने का फैसला किया है।
इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।
भारत के कुशल लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
“भारत मार्ट” की तर्ज पर अन्य देशों में भी काम किया जाएगा, जिससे छोटे उद्यमियों और एमएसएमई को निर्यात का बड़ा अवसर मिलेगा।
यूएई-इंडिया बिजनेस काउंसिल बैठक
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूएई के फॉरेन ट्रेड मिनिस्टर डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयोदी ने मिलकर बिजनेस काउंसिल राउंड टेबल की अध्यक्षता की।
बैठक में दोनों पक्षों ने संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
यूएई के बैंकरों ने भारत में बिजनेस बढ़ाने की गहरी रुचि दिखाई।
इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग और हाउसिंग जैसे सेक्टरों में मिलकर काम करने का निर्णय हुआ।
भारत-यूएई साझेदारी का महत्व
गोयल ने कहा कि यूएई के पास भारत और अन्य देशों में बड़े पैमाने पर निवेश करने की क्षमता है।
इस साझेदारी से न सिर्फ भारत की आर्थिक शक्ति बढ़ेगी, बल्कि यूएई को भी वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।