दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल ने भारतीय मूल के सबीह खान को अपना नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त किया है। वे जेफ विलियम्स की जगह लेंगे, जो 2015 से इस पद पर कार्यरत थे। सबीह खान का जन्म उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। बाद में वे सिंगापुर और फिर अमेरिका चले गए।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और एप्पल में सफर
सबीह ने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली और RPI से मास्टर्स किया। उन्होंने 1995 में एप्पल जॉइन किया, और साल 2019 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने। उन्होंने कंपनी की सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग, और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़े अहम क्षेत्रों में नेतृत्व किया।
टिम कुक की प्रतिक्रिया: “महान रणनीतिकार हैं सबीह”
एप्पल के सीईओ टिम कुक ने सबीह को “ब्रिलियंट स्ट्रैटजिस्ट” बताया। उन्होंने कहा:”सबीह ने हमारे पर्यावरणीय लक्ष्यों को आगे बढ़ाया और एप्पल के कार्बन फुटप्रिंट को 60% से अधिक कम करने में मदद की है। सबसे बड़ी बात, वह अपने मूल्यों और समर्पण के साथ नेतृत्व करते हैं।”
कोविड संकट में निभाई बड़ी भूमिका
कोविड-19 महामारी के समय जब ग्लोबल सप्लाई चेन बाधित हो रही थी, तब सबीह ने अपनी रणनीतिक क्षमता से एप्पल की सप्लाई चेन को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखा। उन्होंने तेज़ फैसले, वैकल्पिक सप्लायर्स, और नवीनतम प्रबंधन तरीकों से कंपनी को संकट से बाहर निकाला।
समर्पण की मिसाल: बिना तैयारी उड़ान भरी
2008 में, एप्पल की एक मीटिंग के दौरान जब एशिया में सप्लाई चेन समस्या पर बात हो रही थी, टिम कुक ने सबीह से पूछा, “आप अभी तक यहीं क्यों हैं?” इसके बाद सबीह तुरंत चीन के लिए रवाना हो गए, बिना कपड़े बदले और सामान लिए। यह उनके समर्पण और तत्परता का प्रतीक है।
सोशल मीडिया पर सराहना और गर्व
सबीह खान की नियुक्ति पर सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई है। एक यूज़र ने लिखा:”भारत के लिए गर्व का पल! मुरादाबाद के बेटे ने एप्पल तक का सफर तय कर मिसाल कायम की।”एक अन्य यूज़र रिजवान हैदर ने तंज में लिखा:”अब्दुल सिर्फ पंचर नहीं बनाता… एप्पल का COO भी बनता है!”
भारत का टैलेंट वैश्विक मंच पर चमक रहा
सबीह खान की सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय प्रतिभा अब केवल देश तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में नेतृत्व कर रही है। मुरादाबाद से एप्पल तक का सफर हर युवा के लिए प्रेरणादायक है।