भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने स्वदेशी मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण कम विस्फोटक के साथ किया गया और इसे पूरी तरह सफल बताया गया है।
क्या है मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM)?
विशेष तकनीक से लैस अंडरवाटर माइन
MIGM एक उन्नत अंडरवाटर नेवल माइन है, जिसे युद्धपोतों और पनडुब्बियों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस माइन को DRDO की विशाखापत्तनम स्थित नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला ने पुणे की उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला और चंडीगढ़ की टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला के सहयोग से तैयार किया है।
क्यों है यह परीक्षण अहम?
नौसैनिक ताकत को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
यह माइन पानी के नीचे दुश्मन के जहाजों की उपस्थिति को विभिन्न प्रभावों (multi-influence) के माध्यम से पहचान सकता है और उसे निष्क्रिय कर सकता है। इसका सफल परीक्षण भारतीय नौसेना की जल-रक्षा क्षमताओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुआ परीक्षण
सुरक्षा पर बढ़ती चिंता के बीच रक्षा तैयारियाँ तेज
यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए थे, जिनमें कई पर्यटक शामिल थे। इस हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सुरक्षा बलों ने हमले के बाद व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।