मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। पुतिन ने सीनेट पैलेस के प्रतिनिधि कार्यालय में उनका हाथ मिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। जयशंकर ने राष्ट्रपति को आगामी भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी दी।
नई दिल्ली में होने वाला वार्षिक शिखर सम्मेलन
दोनों नेताओं की यह मुलाकात उस समय हुई जब जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की बैठक और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता के लिए मॉस्को में मौजूद थे।
बैठक में भारत-रूस के ऐतिहासिक संबंधों को दोहराया गया और इन्हें और मजबूत बनाने की दिशा तय हुई।
जयशंकर का बयान: संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का संकल्प
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“आज मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन उन तक पहुंचाया। शिखर सम्मेलन की तैयारियों और वैश्विक-क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।”
उन्होंने कहा कि वह पुतिन के दृष्टिकोण और मार्गदर्शन को अत्यंत महत्व देते हैं।
भारत यात्रा से पहले पुतिन की तैयारी
क्रेमलिन द्वारा जारी वीडियो में पुतिन, जयशंकर का स्वागत करते दिखाई दिए।
भारतीय राजदूत विनय कुमार और संयुक्त सचिव मयंक सिंह भी उपस्थित थे।
यह मुलाकात पुतिन की वर्ष के अंत में संभावित भारत यात्रा के मद्देनज़र महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रूसी राष्ट्रपति लगभग 5 दिसंबर के आसपास भारत आ सकते हैं।
एससीओ प्रतिनिधिमंडल की बैठकों में सक्रिय उपस्थिति
इससे पहले जयशंकर ने एससीओ सदस्य देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक में रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन, ईरान, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।
द्विपक्षीय मुलाकातें और कूटनीतिक संवाद
एससीओ बैठक से इतर जयशंकर ने—
मंगोलिया के प्रधानमंत्री गोम्बोजाविन ज़ंदनशतार
कतर के प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल सानी
से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
रूस का धन्यवाद और सराहना
जयशंकर ने एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक की बेहतरीन मेजबानी के लिए रूस के प्रधानमंत्री मिशुस्तिन का आभार जताया और उनके आतिथ्य की प्रशंसा की।