प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस चर्चा का मुख्य विषय भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर (IMEEC) का कार्यान्वयन था, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और समृद्धि को बढ़ाना है। पीएम मोदी ने इस परियोजना को आर्थिक कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय एकीकरण के लिए एक परिवर्तनकारी पहल बताया और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को शुभकामनाएं दीं।
द्विपक्षीय सहयोग और सितंबर यात्रा का जिक्र
बैठक में दोनों देशों के सामान्य उच्च स्तरीय सहयोग पर जोर दिया गया। इसमें सितंबर 2024 में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा का भी जिक्र हुआ। पीएम मोदी ने इसे द्विपक्षीय संबंधों में एक पीढ़ीगत निरंतरता का संकेत बताया।
सामरिक क्षेत्रों में सहयोग
दोनों नेताओं ने निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई:
आर्थिक साझेदारी – व्यापार और निवेश के नए अवसर।
ऊर्जा क्षेत्र – हरित ऊर्जा और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर सहयोग।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान – भारतीय प्रवासियों की भूमिका को सशक्त करना।
क्षेत्रीय स्थिरता और शांति पर चर्चा
यूएई के विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की। पीएम मोदी ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह वार्ता वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारत और यूएई के समान दृष्टिकोण को दर्शाती है।
भारतीय प्रवासियों के कल्याण पर आभार
प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे भारतीय प्रवासियों के कल्याण और समर्थन के लिए यूएई के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय द्विपक्षीय संबंधों का अभिन्न हिस्सा हैं और आर्थिक तथा सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं।
यह वार्ता न केवल भारत और यूएई के रिश्तों को और मजबूत करेगी, बल्कि IMEEC के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और समृद्धि को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।