भारत आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 5 बजे नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का भव्य उद्घाटन करेंगे।
यह वैश्विक सम्मेलन समावेशी, जिम्मेदार और लचीले AI के भविष्य को आकार देने के उद्देश्य से दुनिया भर के टेक दिग्गजों को एक मंच पर लाएगा। यह एक्सपो ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के साथ आयोजित हो रहा है और इसे AI के राष्ट्रीय एक्शन डेमोंस्ट्रेशन के रूप में देखा जा रहा है।
एक्सपो की खासियतें
300 से अधिक क्यूरेटेड एग्जीबिशन पवेलियन और लाइव डेमोंस्ट्रेशन
600 से अधिक हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप की भागीदारी
13 कंट्री पवेलियन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रदर्शन
थीम आधारित संरचना — पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस
इस आयोजन में ग्लोबल टेक कंपनियां, स्टार्टअप, शिक्षण संस्थान, रिसर्च संगठन, केंद्र और राज्य सरकारें तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदार एक साथ भाग ले रहे हैं।
पीएम मोदी का संदेश
दुनिया भर के टेक लीडर्स का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह समिट देश के युवाओं की प्रतिभा और भारत की विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में तेज़ प्रगति का प्रमाण है।
उन्होंने समिट की थीम “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” बताई, जो मानव-केंद्रित विकास के लिए AI के उपयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पहले दिन का फोकस: समाज पर AI का प्रभाव
समिट का पहला दिन 16 फरवरी से शुरू होगा और इसका मुख्य फोकस समाज पर AI के व्यावहारिक प्रभाव पर रहेगा।
सड़क सुरक्षा में AI
परिवहन मंत्रालय और IIT के विशेषज्ञ चर्चा करेंगे कि डेटा-आधारित AI मॉडल दुर्घटनाओं के पैटर्न का विश्लेषण कर जोखिमों का पूर्वानुमान कैसे लगा सकते हैं।
इससे सुरक्षित मोबिलिटी, ड्राइवर ट्रेनिंग और हाइपरलोकल डेटा मॉडल विकसित करने में मदद मिलेगी।
न्याय व्यवस्था में बदलाव
AI के माध्यम से—
कानूनी शोध को सरल बनाना
केस मैनेजमेंट का स्वचालन
वर्चुअल कोर्ट को सशक्त करना
लंबित मामलों के बोझ को कम करना
विशेष सत्र में न्यायिक प्रणाली की दक्षता, पारदर्शिता और सुलभता बढ़ाने पर चर्चा होगी।
स्मार्ट और टिकाऊ कृषि
एक विशेष सत्र में जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ खेती के लिए AI आधारित समाधानों पर चर्चा की जाएगी।
यह सत्र बताएगा कि किस प्रकार AI खेती को अधिक कुशल, उत्पादक और क्लाइमेट-रेज़िलिएंट बना सकता है।
भविष्य का रोजगार और स्किल डेवलपमेंट
AI के दौर में रोजगार के बदलते स्वरूप पर लीडरशिप सेशन आयोजित होगा।
इसमें चर्चा होगी कि—
AI नए रोजगार के अवसर कैसे पैदा करेगा
किन पारंपरिक भूमिकाओं पर असर पड़ेगा
बड़े पैमाने पर री-स्किलिंग की आवश्यकता क्यों है
सांस्कृतिक संदर्भ और AI
विशेष चर्चा इस बात पर भी होगी कि कई बार AI सिस्टम तकनीकी कारणों से नहीं, बल्कि सामाजिक मानदंडों और सांस्कृतिक संदर्भों की अनदेखी के कारण विफल हो जाते हैं।
इसलिए मानव-केंद्रित और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील AI मॉडल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
ग्लोबल साउथ की पहली AI समिट
यह समिट ग्लोबल साउथ में आयोजित इस सीरीज़ की पहली वैश्विक AI समिट है। इसका उद्देश्य ऐसा भविष्य बनाना है जिसमें AI मानवता की सेवा करे, समावेशी विकास को बढ़ावा दे और पर्यावरण की रक्षा में योगदान दे।
तीन मार्गदर्शक सिद्धांत
यह आयोजन तीन प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित है—
पीपल (People) – AI मानव कल्याण के लिए
प्लैनेट (Planet) – पर्यावरण संरक्षण के लिए
प्रोग्रेस (Progress) – समावेशी और सतत विकास के लिए
समिट से पहले पेरिस, बर्लिन, ओस्लो, न्यूयॉर्क, जिनेवा, बैंकॉक और टोक्यो में व्यापक जन-परामर्श और वैश्विक संवाद आयोजित किए गए, जिनके आधार पर इस समिट का स्वरूप तय किया गया।
इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 केवल एक तकनीकी आयोजन नहीं, बल्कि भारत के AI विज़न का वैश्विक प्रदर्शन है। यह मंच दिखाएगा कि भारत कैसे मानव-केंद्रित, जिम्मेदार और समावेशी AI के माध्यम से विश्व विकास में नेतृत्व की भूमिका निभाने को तैयार है।