देशभर में ऑनलाइन खाना और ग्रोसरी ऑर्डर करने वाले लोगों को शनिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के विरोध में ‘गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ (GIPSWU) ने पांच घंटे की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है।
यूनियन के आह्वान के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक डिलीवरी पार्टनर्स अपने ऐप्स ऑफलाइन रखेंगे। ऐसे में Swiggy, Zomato, Blinkit और Zepto जैसी ऐप-आधारित सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
डिलीवरी कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
शुक्रवार को ईंधन की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद GIPSWU ने सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों से प्रति किलोमीटर सर्विस रेट बढ़ाने की मांग की है।
यूनियन का कहना है कि बढ़ती ईंधन कीमतों ने डिलीवरी पार्टनर्स और ड्राइवरों की आर्थिक स्थिति को और कठिन बना दिया है। उनका आरोप है कि सड़क पर खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि कमाई घटती जा रही है।
1.2 करोड़ गिग वर्कर्स पर असर की चेतावनी
GIPSWU के अनुसार, देश में करीब 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स अपनी रोज़ी-रोटी के लिए बाइक और स्कूटर पर निर्भर हैं। ईंधन महंगा होने से इन कर्मचारियों की आय पर सीधा असर पड़ेगा।
बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत करीब 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण यह बढ़ोतरी हुई है।
“गिग वर्कर्स पर सीधा हमला” : GIPSWU
GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को गिग वर्कर्स पर “सीधा हमला” बताया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पहले से ही महंगाई और भीषण गर्मी के बीच कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि बढ़ती लागत के अनुसार कमाई नहीं बढ़ाई गई, तो कई डिलीवरी कर्मचारी इस क्षेत्र को छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
महिला कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर
यूनियन के मुताबिक महिला गिग वर्कर्स, डिलीवरी कर्मचारी और ड्राइवर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से कई लोग खराब मौसम और भारी ट्रैफिक के बीच रोजाना 10 से 14 घंटे तक काम करते हैं।
GIPSWU ने बताया कि उसने सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों को ज्ञापन सौंपकर डिलीवरी दरों में संशोधन और ईंधन मुआवजा देने की मांग की है।
शांतिपूर्ण विरोध के जरिए उठाई आवाज
यूनियन ने इस हड़ताल को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन बताया है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य देशभर में गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारियों के सामने खड़े आजीविका संकट की ओर सरकार और कंपनियों का ध्यान आकर्षित करना है।