दिल्ली-NCR में जारी तीन दिवसीय ट्रांसपोर्ट और टैक्सी हड़ताल का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को हड़ताल के दूसरे दिन राजधानी की सबसे बड़ी थोक मंडी आज़ादपुर मंडी में सब्जियों की आवक में भारी कमी दर्ज की गई। इसके चलते बाजार में हरी सब्जियों की कीमतें अचानक सामान्य से दोगुनी तक पहुंच गई हैं।
व्यापारियों के अनुसार आपूर्ति बाधित होने के कारण मंडियों में केवल एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा है। यदि जल्द हालात सामान्य नहीं हुए तो आने वाले दिनों में सब्जियों की किल्लत और बढ़ सकती है।
धनिया 100 रुपये किलो पहुंचा
हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा असर हरी सब्जियों पर देखने को मिल रहा है। धनिया, जो कुछ दिन पहले तक 40 रुपये किलो बिक रहा था, अब 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।
इसी तरह अदरक की कीमतों में भी बड़ा उछाल आया है। आज़ादपुर मंडी में अदरक 120 से 130 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि पहले इसका भाव करीब 100 रुपये था।
नींबू और पुदीना भी महंगे हो गए हैं, जिससे रसोई का बजट और बिगड़ने लगा है।
मंडियों में कम हुआ ट्रकों का आना
व्यापारियों का कहना है कि प्याज, आलू और लहसुन का कारोबार फिलहाल पुराने स्टॉक के भरोसे चल रहा है। शुक्रवार को पूरी मंडी में केवल 20 ट्रक ही पहुंचे, जो दिल्ली की जरूरतों के मुकाबले बेहद कम माने जा रहे हैं।
यदि मांग अचानक बढ़ती है तो प्याज समेत अन्य जरूरी सब्जियों के दाम और बढ़ सकते हैं। व्यापारियों का कहना है कि मौजूदा स्टॉक केवल एक-दो दिन तक ही चल पाएगा।
यात्रियों को भी हुई भारी परेशानी
सब्जियों की कीमतों के अलावा हड़ताल का असर यात्रियों पर भी साफ दिखाई दिया। दिल्ली-NCR के कई इलाकों में लोगों को यात्रा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कई ट्रांसपोर्ट और टैक्सी यूनियनों ने दिल्ली सरकार के सेस और CNG की बढ़ती कीमतों के विरोध में गुरुवार से तीन दिन की हड़ताल शुरू की है। यह हड़ताल 23 मई तक जारी रहेगी।
रेलवे स्टेशन और मेट्रो स्टेशनों पर बढ़ी परेशानी
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, आनंद विहार, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन समेत राजधानी के कई व्यस्त इलाकों में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
विरोध प्रदर्शन के तहत संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ट्रक खड़े रहे। कमर्शियल वाहन चालकों की यूनियनों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है।
किराया बढ़ाने की मांग
टैक्सी और ऑटो यूनियनें लगातार बढ़ती CNG, पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों को देखते हुए किराया बढ़ाने की मांग कर रही हैं।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों का आरोप है कि दिल्ली सरकार, अदालतों और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की नीतियों से परिवहन क्षेत्र पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
चालक संगठनों ने किया ‘चक्का जाम’ का आह्वान
‘चालक शक्ति यूनियन’ के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा कि ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्गीय चालक अपने परिवार का पालन-पोषण करने में संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली के कई संगठनों के साथ मिलकर 21, 22 और 23 मई को ‘चक्का जाम’ का आह्वान किया गया है और इन दिनों वाहन नहीं चलाने की अपील की गई है।