कोलकाता पुलिस ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) कोलकाता में हुए कथित बलात्कार के मामले की गहराई से जांच के लिए 9 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है।
आरोपी 7 दिन की पुलिस हिरासत में
मुख्य आरोपी महावीर टोप्पनवर उर्फ परमानंद जैन को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया और अलीपुर कोर्ट ने उसे 19 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। आरोपी को हरिदेवपुर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर पकड़ा गया था, जो एक महिला क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ने दर्ज कराई थी।
क्या कहा पुलिस ने?
कोलकाता पुलिस के डीसी साउथवेस्ट डिवीजन ने बताया कि SIT का गठन मामले की पूरी तह तक पहुंचने के लिए किया गया है। पुलिस अभियोजक सौरिन घोषाल ने कोर्ट में कहा कि,”हमने आरोपी की पुलिस रिमांड मांगी थी, जबकि आरोपी पक्ष ने ज़मानत की याचिका दायर की। आरोपी का दावा है कि संबंध आपसी सहमति से हुए, लेकिन चिकित्सा परीक्षण और प्रारंभिक जांच में बलात्कार की पुष्टि होती है।”
पीड़िता के पिता का बयान: नया मोड़
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब कथित पीड़िता के पिता ने मीडिया से बात करते हुए बलात्कार के आरोपों को नकार दिया। उन्होंने कहा:”मेरी बेटी को वाहन से गिरने से चोट आई थी। उसने खुद फोन कर मुझे यह जानकारी दी थी। बाद में उसे SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस जो दावा कर रही है, वह हमें सही नहीं लगता।”
छात्रावास में काउंसलिंग के बहाने बुलाया गया
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने महिला को काउंसलिंग के लिए छात्रावास बुलाया था, जहां उसके साथ कथित यौन उत्पीड़न हुआ। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को पुलिस हिरासत में भेजा।
जांच जारी, SIT कर रही गहन छानबीन
SIT इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है—चिकित्सा साक्ष्य, दोनों पक्षों के बयान और घटनास्थल की परिस्थितियां। वहीं, पीड़िता के पिता द्वारा लगाए गए बयान से मामला और जटिल होता जा रहा है।