दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी IBM के शेयरों में एक ही दिन में करीब 25% की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। यह वर्ष 1967 के बाद कंपनी के शेयरों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। इस भारी बिकवाली से कंपनी के बाजार पूंजीकरण (मार्केट वैल्यू) में लगभग 70 अरब डॉलर की कमी आ गई।
दूसरी तिमाही के शुरुआती नतीजे उम्मीद से कमजोर रहने और भविष्य के कारोबार को लेकर सतर्क संकेत मिलने के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर शेयरों की बिकवाली की।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अरविंद कृष्णा ने भी स्वीकार किया कि IBM तकनीकी बदलावों की रफ्तार के साथ खुद को उतनी तेजी से नहीं ढाल पाई, जितनी बाजार को उम्मीद थी।
कोर बिजनेस में घटा ग्राहकों का खर्च
IBM को सबसे बड़ा झटका उसके इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस, खासकर मेनफ्रेम कंप्यूटर कारोबार से लगा।
मेनफ्रेम सिस्टम लंबे समय से बैंकिंग, सरकारी संस्थानों और बड़ी कंपनियों के लिए IBM का सबसे मजबूत व्यवसाय रहे हैं। लेकिन इस तिमाही में इस कारोबार से होने वाला राजस्व करीब 7% घट गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, एआई (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग के कारण कंपनियों ने सर्वर, स्टोरेज और हाई-परफॉर्मेंस चिप्स की खरीद पर अधिक खर्च किया। इसके चलते पारंपरिक आईटी सिस्टम और IBM के मेनफ्रेम समाधानों पर खर्च कम हो गया।
CEO अरविंद कृष्णा ने माना कि कंपनी को सप्लाई चेन के दबाव का अनुमान था, लेकिन बदलाव की रफ्तार उम्मीद से कहीं ज्यादा तेज रही।
AI बूम का पूरा फायदा नहीं उठा पाई IBM
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी निवेश हो रहा है, लेकिन निवेशकों का मानना है कि IBM इस अवसर का पूरा लाभ उठाने में पीछे रह गई।
हालांकि कंपनी के पास AI आधारित कई समाधान और सेवाएं मौजूद हैं, लेकिन बाजार का मानना है कि Nvidia जैसी कंपनियों ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती मांग का कहीं अधिक फायदा उठाया है।
IBM का कुल राजस्व केवल 1% बढ़कर 17.2 अरब डॉलर रहा, जो बाजार की अपेक्षाओं से कम था। सॉफ्टवेयर कारोबार में लगभग 5% की वृद्धि जरूर दर्ज हुई, लेकिन इससे निवेशकों का भरोसा नहीं बढ़ सका।
कमजोर ग्रोथ ने इस चिंता को और बढ़ा दिया कि AI युग में IBM अपनी प्रतिस्पर्धी बढ़त बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
साइबर सिक्योरिटी पर बढ़ा कंपनियों का फोकस
IBM के प्रदर्शन पर असर डालने वाला तीसरा बड़ा कारण कॉरपोरेट कंपनियों का तेजी से साइबर सिक्योरिटी की ओर झुकाव रहा।
AI तकनीक के तेजी से विस्तार के साथ साइबर हमलों और डेटा सुरक्षा को लेकर कंपनियों की चिंता भी बढ़ी है। ऐसे में कई संस्थानों ने अपने आईटी बजट का बड़ा हिस्सा साइबर सुरक्षा मजबूत करने पर खर्च करना शुरू कर दिया।
इसका फायदा साइबर सिक्योरिटी कंपनियों को मिला।
CrowdStrike के शेयरों में करीब 12% की तेजी आई।
Okta और Netskope के शेयर भी लगभग 11% तक चढ़ गए।
दूसरी ओर, IBM के कई पारंपरिक टेक प्रोजेक्ट्स पर ग्राहकों ने खर्च टाल दिया, जिससे कंपनी के राजस्व पर अतिरिक्त दबाव बना।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
IBM के शेयरों में आई यह ऐतिहासिक गिरावट इस बात का संकेत है कि केवल स्थापित ब्रांड होना अब पर्याप्त नहीं है। तेज़ी से बदलती तकनीक, AI पर बढ़ता निवेश और ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताएं टेक कंपनियों के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में IBM को AI, क्लाउड और आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी। तभी कंपनी निवेशकों का भरोसा दोबारा जीत पाएगी और प्रतिस्पर्धी टेक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी।