“फूलों से अंगना सजाउंगी, जब मैया मेरे घर आएंगी…” मां दुर्गा का यह भक्तिमय भजन भक्ति और श्रद्धा से भरपूर है। आप इसे माता रानी की पूजा, जागरण या नवरात्रि के दौरान गा और सुन सकते हैं।
मां दुर्गा का भजन
फूलों से अंगना सजाउंगी
फूलों से अंगना सजाउंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
चंदन चौकी सजाने की तैयारी
चन्दन चौकी बिछाऊं,
माँ का आसन सजाऊं,
मैं तो माँ को उस पर बिठाऊंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
फूलों से अंगना सजाउंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
मंगल कलश और गंगाजल से स्वागत
मंगल कलश सजाऊं,
गंगा जल भर लाऊं,
मैं तो माँ के चरण धुलाऊंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
फूलों से अंगना सजाउंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
केसर-रोली से करूंगी तिलक
केसर रोली लेकर आऊं मैं,
घिस-घिस चन्दन तिलक बनाऊं,
मैं तो माँ के तिलक लगाऊंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
फूलों से अंगना सजाउंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
हलवा-छोले का भोग
हलवा छोले बनाऊं,
मैं तो भोग लगाऊं,
अपने हाथों से माँ को खिलाऊंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।
फूलों से अंगना सजाउंगी,
जब मैया मेरे घर आएंगी।