जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक में केंद्र सरकार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बड़े सुधार की योजना पर विचार कर रही है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर 5% कर लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं, जिसमें राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं। 4 सितंबर को बैठक के समापन पर अंतिम निर्णय आने की उम्मीद है।
कर संरचना में बड़ा बदलाव का प्रस्ताव
केंद्र ने जीएसटी को सरल बनाने के लिए मौजूदा 12% और 28% की स्लैब को हटाकर केवल दो कर दरें—5% और 18%—रखने का सुझाव दिया है। वहीं, विलासिता और अवगुण वस्तुओं के लिए 40% की विशेष दर का प्रस्ताव है। इस कदम से कई आवश्यक वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं। हालाँकि, विपक्ष शासित राज्य संभावित राजस्व हानि के लिए मुआवज़े की मांग कर रहे हैं।
जीएसटी सुधारों पर केंद्र-राज्य चर्चा
इस बैठक में जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने, अनुपालन आसान करने और नए मुआवज़ा तंत्र पर चर्चा होगी। बैठक से पहले अधिकारियों ने तैयारी के लिए एक बैठक की थी।
जीएसटी संरचना का इतिहास
वर्तमान चार-स्तरीय जीएसटी संरचना (5%, 12%, 18% और 28%) 1 जुलाई 2017 को लागू हुई थी। इसने उत्पाद शुल्क और वैट जैसे कई करों को बदल दिया। राजस्व घाटे की भरपाई के लिए एक क्षतिपूर्ति उपकर भी लगाया गया था, लेकिन यह जून 2022 में समाप्त हो गया।
जीएसटी सुधार योजना की घोषणा
15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी सुधार योजना का जिक्र किया था। इसके बाद केंद्र ने मंत्रियों के समूह (जीओएम) के साथ खाका साझा किया, जिसने अनुपालन आसान बनाने और उपभोक्ता कीमतें घटाने के लिए 12% और 28% की दरों को हटाने का समर्थन किया।