केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर देश को गुमराह करने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया। संसद परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत में सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की आदत बन गई है कि वे देश में भ्रम फैलाते हैं और विदेश नीति पर अनावश्यक सवाल उठाते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले भी कई बार ऐसे बयान दे चुके हैं, जिनसे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि वे “मकर द्वार पर चाय पीते हुए देश का अपमान करते हैं” और कोविड के दौरान भी उन्होंने लोगों में भ्रम फैलाने का काम किया था।
ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्र और विपक्ष में तीखी बहस
गिरिराज सिंह की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस चल रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक आपूर्ति पर उसके संभावित असर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
राहुल गांधी ने जताई थी ऊर्जा संकट की आशंका
इससे एक दिन पहले लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के परिणाम देश और दुनिया दोनों स्तरों पर दिखाई दे सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा,
“मध्य पूर्व में युद्ध छिड़ गया है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान आपस में लड़ रहे हैं। इस युद्ध के दूरगामी परिणाम होंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% गुजरता है और इसके बंद होने के गंभीर असर पड़ सकते हैं, खासकर भारत जैसे देशों पर।”
उन्होंने दावा किया कि देश में इसके असर की शुरुआत दिखाई देने लगी है और कुछ जगहों पर रेस्तरां बंद होने तथा LPG की उपलब्धता को लेकर लोगों में दहशत बढ़ने की खबरें आ रही हैं।
ऊर्जा सुरक्षा को बताया देश की स्थिरता की नींव
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि ऊर्जा सुरक्षा किसी भी देश की स्थिरता और आर्थिक मजबूती की आधारशिला होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को ऊर्जा से जुड़े फैसले लेते समय बाहरी दबाव या प्रभाव से बचना चाहिए और दीर्घकालिक रणनीति अपनानी चाहिए।