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“ऑपरेशन गंगा से सिंधु तक: विदेशों में फंसे हर भारतीय की मदद को आगे आए मोदी”

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पिछले एक दशक में भारत ने न केवल आर्थिक और कूटनीतिक रूप से खुद को मजबूत किया, बल्कि संकट की घड़ी में अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में भी मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने विदेशों में फंसे भारतीयों को बचाने के लिए कई साहसिक और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए हैं।

ऑपरेशन सिंधु: ईरान से छात्रों की सुरक्षित वापसी

ईरान और इज़राइल के बीच युद्ध जैसे हालात को देखते हुए भारत ने ऑपरेशन सिंधु की शुरुआत की। इसके तहत उर्मिया विश्वविद्यालय से 110 भारतीय छात्रों को निकाला गया और आर्मेनिया के येरेवान होते हुए उन्हें भारत लाया गया।
इनमें से 94 छात्र जम्मू-कश्मीर से थे, बाकी दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र और राजस्थान से। नई दिल्ली पहुंचते ही छात्रों और उनके परिजनों के चेहरों पर राहत की झलक साफ दिखी।

अब तक के प्रमुख रेस्क्यू ऑपरेशन

ऑपरेशन गंगा (यूक्रेन, 2022)

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने 20,000 से अधिक भारतीयों को यूक्रेन से सुरक्षित निकाला। पोलैंड, हंगरी, रोमानिया जैसे देशों के रास्ते विशेष विमान भेजे गए।

वंदे भारत मिशन (कोविड-19, 2020-21)

कोरोना के दौरान सबसे बड़ा निकासी मिशन, जिसके तहत 100 से ज्यादा देशों से 60 लाख भारतीयों को घर लाया गया।

ऑपरेशन कावेरी (सूडान, 2023)

गृहयुद्ध की स्थिति वाले सूडान से 3,000 से अधिक भारतीयों को जेद्दाह व पोर्ट सूडान के जरिए सुरक्षित निकाला गया।

ऑपरेशन राहत (यमन, 2015)

यमन युद्ध के दौरान 5,600 भारतीयों के साथ-साथ 40 अन्य देशों के नागरिकों को भी भारत ने निकाला।

ऑपरेशन देवी शक्ति (अफगानिस्तान, 2021)

तालिबान के कब्ज़े के बाद 669 लोगों को बचाया गया, जिनमें अफगानी हिंदू-सिख भी शामिल थे। साथ ही श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप भी सम्मानपूर्वक लाए गए।

ऑपरेशन अजय (इज़राइल-हमास संघर्ष, 2023)

इज़राइल से 1,343 नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया।

ऑपरेशन इंद्रावती (हैती, 2024)

हैती में अशांति फैलने पर भारत ने 17 नागरिकों को हेलीकॉप्टरों के ज़रिए डोमिनिकन गणराज्य पहुंचाया।

संकट में सरकार और सेना दोनों खड़ी

इन अभियानों की सफलता भारत के सामरिक कौशल, कूटनीतिक संबंधों और मानवीय दृष्टिकोण की मिसाल है। एयरफोर्स, नौसेना, विदेश मंत्रालय और दूतावासों की सक्रियता ने यह साबित कर दिया कि भारत हर नागरिक के पीछे मजबूती से खड़ा है।

परिजनों की राहत, छात्रों की भावनाएं

नई दिल्ली एयरपोर्ट पर छात्रों के परिजन अपने बच्चों को देखकर भावुक हो गए। छात्रों ने बताया कि वे मानसिक तनाव में थे और हर पल डर बना रहता था।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मीडिया को बताया कि सरकार अन्य नागरिकों की भी निकासी के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि “और विमान तैयार हैं, तुर्कमेनिस्तान से भी निकासी हो रही है और हॉटलाइन सक्रिय है।”

संकट में नहीं छोड़ेगा भारत

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया के किसी भी कोने में कोई भारतीय संकट में हो, भारत सरकार उसे अकेला नहीं छोड़ेगी। ये ऑपरेशन सिर्फ निकासी नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भरता के प्रमाण हैं।

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