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हंगामे से भरा पहला दिन, कामकाज ठप, मोदी ने विपक्ष को किया पलटवार

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संसद में हंगामे के बीच शुरू हुआ शीतकालीन सत्र
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हुआ, लेकिन शुरुआत शोर-शराबे वाली रही। दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र में कुल 16 विधेयकों पर चर्चा की जाएगी, जिनमें वक्फ संशोधन विधेयक भी शामिल है। इस दौरान कई अहम विधेयकों को पारित करने का प्रयास किया जाएगा। ध्यान देने योग्य बात यह है कि मंगलवार को संविधान दिवस के विशेष आयोजन के कारण कार्यवाही नहीं होगी।

प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत, विपक्ष पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को संसद पहुंचने पर सत्तापक्ष के सदस्यों से गर्मजोशी से स्वागत प्राप्त किया। सदन में ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए गए, जबकि कुछ सदस्यों ने ‘जय भवानी’ का भी नारा लगाया। इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनका बार-बार खारिज किया गया है, वे संसद को नियंत्रित करने के लिए हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से स्वस्थ चर्चा की अपील की और सत्र के सकारात्मक परिणामों की उम्मीद जताई।

अदाणी समूह के खिलाफ हंगामा
अदाणी समूह के खिलाफ अमेरिकी अभियोजकों के रिश्वतखोरी के आरोपों पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया, जिसके कारण राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत कुल 13 नोटिस प्राप्त हुए। इसके बाद, कार्यवाही को एक बार फिर स्थगित कर दिया गया।

लोकसभा में भी हंगामा, कार्यवाही स्थगित
लोकसभा में भी पहले दिन हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में दिवंगत सांसदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद हंगामे के बीच कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। विपक्षी सदस्य एक उद्योगपति से जुड़े मामले और उत्तर प्रदेश के संभल में हुई हिंसा के मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।

निष्कर्ष
संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन हंगामा रहा, जिसमें विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सदन में विरोध दर्ज किया। प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर तंज करते हुए स्वस्थ चर्चा का आह्वान किया, जबकि विपक्षी सदस्यों ने अदाणी समूह के मुद्दे और अन्य मामलों पर चर्चा की मांग की।

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