दिशा सालियान के पिता के वकील ने चौंकाने वाला दावा किया है कि कुछ चश्मदीद गवाहों ने अभिनेता आदित्य पंचोली, डिनो मोरिया, शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे और उनके अंगरक्षकों को दिशा सालियान के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करते देखा था। वकील नीलेश ओझा ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भरोसा है, लेकिन दिशा की मौत की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) पर नहीं।
बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर
दिशा सालियान के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनकी बेटी की मौत की गहराई से जांच की मांग की है। इस याचिका में उन्होंने आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली और डिनो मोरिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अपील की है। इस मामले ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मचा दी है और महायुति बनाम शिवसेना (यूबीटी) के बीच विवाद और गहरा गया है।
दिशा-सुशांत केस का रहस्य
8 जून 2020 को दिशा सालियान की मुंबई में एक ऊंची इमारत से गिरकर मौत हो गई थी। इसके छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए। दिशा की मौत की जांच 2023 में गठित एसआईटी द्वारा की जा रही है, जबकि सुशांत केस की जांच सीबीआई के पास है।
एसआईटी पर उठाए सवाल
वकील ओझा ने एसआईटी की जांच को लेकर संदेह जताया और कहा कि अभी तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी ने अब तक कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला है और सरकार को सही जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि सीबीआई सुशांत केस में अब तक क्या कर रही है और चार्जशीट दाखिल क्यों नहीं की गई?
इस मामले में अभी तक आदित्य ठाकरे ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अब देखना यह होगा कि हाईकोर्ट इस याचिका पर क्या फैसला सुनाता है और एसआईटी की जांच क्या नया मोड़ लेती है।