भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने फ्रांस, इटली, डेनमार्क, इंग्लैंड, ब्रुसेल्स और जर्मनी जैसे छह यूरोपीय देशों का दौरा करने के बाद रविवार को दिल्ली लौटने पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरे में प्रतिनिधिमंडल ने आतंकवाद पर भारत की स्थिति को सशक्त रूप से रखा।
भारत की स्थिति को स्पष्ट संदेश
प्रसाद ने बताया, “हमने यूरोपीय सांसदों, थिंक-टैंक और भारतीय समुदाय के साथ गहन चर्चा की। पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर यूरोप में नाराज़गी है और सभी देशों ने इस हमले की निंदा की है। भारत और यूरोप के बीच नया संबंध आकार ले रहा है।”
बर्लिन में उच्चस्तरीय मुलाकातें
प्रतिनिधिमंडल ने बर्लिन में जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल और बुंडेस्टैग के उपाध्यक्ष ओमिद नूरीपुर से मुलाकात की। यहां भारत की शून्य-सहिष्णुता नीति और सीमा पार हमलों के प्रति भारत के सिद्धांतवादी रुख को दोहराया गया।
ऑपरेशन सिंदूर पर जोर
सांसदों ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की एक जिम्मेदार, सटीक और गैर-उग्र सैन्य प्रतिक्रिया थी, जो आतंक के खिलाफ दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
वैश्विक आतंकवाद पर एकजुट रुख की आवश्यकता
जर्मनी में भारतीय दूतावास ने बयान जारी करते हुए कहा कि आतंकवाद एक वैश्विक खतरा है और इससे निपटने के लिए एकजुट वैश्विक प्रतिक्रिया अनिवार्य है। जर्मन पक्ष ने भी भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की।
थिंक-टैंक व प्रवासी भारतीयों से संवाद
प्रतिनिधिमंडल ने यूरोपीय संसद, विदेश नीति और रक्षा समिति के प्रमुख सदस्यों तथा कोनराड एडेनॉयर स्टिफ्टंग जैसे प्रमुख थिंक-टैंकों के साथ भी बैठकें कीं। चर्चा के मुख्य बिंदु रहे:
आतंकवाद के विरुद्ध बहुपक्षीय सहयोग
रणनीतिक और रक्षा साझेदारी की संभावनाएं
पाकिस्तान की भूमिका और सीमा पार गतिविधियों पर चिंता