प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापा मारा। यह कार्रवाई दुर्ग जिले में उनके घर पर की गई। हालांकि, यह छापेमारी किस मामले से जुड़ी है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पेड़ कटाई मुद्दे से जोड़ते हुए कांग्रेस का आरोप
भूपेश बघेल के कार्यालय ने दावा किया कि यह छापा इसलिए मारा गया क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन रायगढ़ जिले की तमनार तहसील में कोयला खदान परियोजना के लिए हो रही पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाने की योजना बनाई थी। बघेल कार्यालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया—
“ईडी आ गई। आज विधानसभा का अंतिम दिन है। अदाणी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा उठना था, इसलिए भिलाई निवास पर ईडी भेज दी गई।“
बघेल ने हाल ही में तमनार का दौरा किया था और पेड़ों की कटाई के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समर्थन दिया था। यह खदान महाराष्ट्र राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड को आवंटित है, जिसका संचालन अदाणी समूह द्वारा किया जा रहा है।
सीबीआई की छापेमारी भी पड़ चुकी है
इससे पहले भी मार्च में महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में सीबीआई ने भूपेश बघेल के ठिकानों पर छापेमारी की थी। बघेल ने आरोप लगाया था कि यह कार्रवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले राजनीतिक लाभ लेने के मकसद से की गई थी।
शराब घोटाले में भी आरोप
ईडी ने भूपेश बघेल और उनकी पूर्ववर्ती सरकार के कुछ अधिकारियों पर 2019 से 2022 के बीच शराब की बिक्री से ₹2,161 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप लगाया है। ईडी का दावा है कि एक संगठित गिरोह ने सरकारी दुकानों के जरिए शराब की आपूर्ति और वितरण प्रणाली में हेरफेर किया।
ईडी पहले भी कई बार छत्तीसगढ़ के नेताओं और अधिकारियों पर छापेमारी कर चुकी है, जिससे कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।