नई दिल्ली, (नेशनल थॉट्स ) – भारत के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने एक निर्माणशील कदम उठाया है, जिसमें देश भर के नियमित दिव्यांग उद्यमियों और कारीगरों के उत्पादों और शिल्प कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक अनूठा कार्यक्रम ‘दिव्य कला मेला’ आयोजित किया है। यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो 6 से 15 अक्टूबर 2023 तक सिकंदराबाद, हैदराबाद में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में, आपको देश के विभिन्न हिस्सों के जीवंत उत्पाद, हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई के काम और पैकेज्ड फूड आदि का दिव्यांग दृष्टिकोण से दर्शन करने का मौका मिलेगा।
‘दिव्य कला मेला’: एक महत्वपूर्ण मंच
दिव्य कला मेला, जो वाराणसी 2022 से शुरू होकर सिकंदराबाद, हैदराबाद में आयोजित होने वाले इस आयोजन का सातवां चरण है, जिसमें भारत के विभिन्न शहरों में हो रहे हैं। इसके अंतर्गत (i) दिल्ली, दिसंबर 2022, (ii) मुंबई, फरवरी 2023, (iii) भोपाल, मार्च 2023, (iv) गुवाहाटी, मई 2023 (v) इंदौर जून 2023 (vi) जयपुर 29 जून-5 जुलाई 2023 (vii) वाराणसी, 15-24 सितंबर, 2023, और (viii) सिकंदराबाद, हैदराबाद 6-15 अक्टूबर, 2023 को आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 100 दिव्यांग कारीगर, कलाकार, और उद्यमी अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन करेंगे। इस मेले में आपको गृह सजावट और जीवन शैली, कपड़े, स्टेशनरी, पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद, पैकेज्ड भोजन, जैविक उत्पाद, खिलौने, उपहार, और व्यक्तिगत सहायक उपकरण जैसे विभिन्न श्रेणियों में उत्पाद देखने को मिलेंगे। यह कार्यक्रम ‘वोकल फॉर लोकल’ का महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करेगा और दिव्यांग कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर प्रदान करेगा।
दिव्यांग कला मेला: 10 दिनों का जश्न
दिव्य कला मेला’, सिकंदराबाद, हैदराबाद, 10 दिनों तक सुबह 10.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक खुला रहेगा और इसमें अनेक सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होगा, जिसमें दिव्यांगजन कलाकारों और प्रसिद्ध पेशेवरों के प्रदर्शन भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में पर्यटक देश के विभिन्न क्षेत्रों के अपने पसंदीदा भोजन का आनंद भी ले सकते हैं।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के पास 2023-2024 के दौरान 12 शहरों में आयोजित किए जाने वाले ‘दिव्य कला मेला’ को बढ़ावा देने के लिए भव्य योजनाएं हैं, जो दिव्यांग उद्यमियों को उनके उत्पादों का प्रमोशन और विपणन करने का मौका प्रदान करेंगी। इससे दिव्यांग कारीगरों को नए द्वारा बनाए गए उत्पादों के लिए एक विशेष अवसर मिलेगा और वे अपनी कला और कौशल का प्रदर्शन कर सकेंगे।