केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख गुरुओं के कथित अनादर का आरोप लगाते हुए उनसे नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की है। यह बयान एक विवादित वीडियो को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सिख गुरुओं के प्रति पूरे देश की गहरी आस्था और श्रद्धा है तथा किसी को भी उनका अपमान करने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा, “यह आस्था का विषय है। हमारे मन में गुरुओं के प्रति सर्वोच्च श्रद्धा है। किसी को भी उनका अनादर करने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनका अपमान किया है। नैतिक आधार पर उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।”
प्रधान यह टिप्पणी आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कर रहे थे।
विवादित वीडियो को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
भगवंत मान से जुड़े एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पंजाब की राजनीति में विवाद गहरा गया है। इस मामले में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने 15 जून को मुख्यमंत्री के खिलाफ एक आदेश भी जारी किया था।
वीडियो को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं, जिससे मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद जनवरी में शुरू हुआ था, जब भगवंत मान पर ‘गुरु की गोलक’ (गुरुद्वारों के दान पात्र) को लेकर कथित टिप्पणी करने का आरोप लगा था।
इसके अलावा, एक कथित वीडियो क्लिप में सिख गुरुओं और मारे गए उग्रवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद अकाल तख्त ने उन्हें तलब किया था।
फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट मामले में दो गिरफ्तार
इस विवाद से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में हरियाणा पुलिस ने वायरल वीडियो के संबंध में कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट हासिल करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है और मामले की जांच जारी है।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा जारी
भगवंत मान से जुड़ा यह विवाद अब राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां विपक्ष मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहा है, वहीं मामले की जांच और तथ्यों को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं।
इस बीच, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले बयान ने इस विवाद को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया है।