दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) के तेजी से विस्तार के बीच दिल्ली सरकार ने राजधानी में 137 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने का आदेश दिया है।
अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान मोहल्ला क्लीनिकों का बड़े पैमाने पर विस्तार हुआ था। अब इस फैसले के बाद दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों की संख्या 167 से घटकर सिर्फ 30 रह गई है।
DGHS का आदेश, सभी जिलों को निर्देश
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के मोहल्ला क्लीनिक प्रकोष्ठ ने इस फैसले की जानकारी सभी जिलों के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों (CDMO) को दे दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह निर्णय सेवाओं के दोहराव से बचने और दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था के पुनर्गठन के तहत लिया गया है।
कहां-कहां संचालित हो रहे थे बंद किए गए क्लीनिक
बंद किए गए 137 मोहल्ला क्लीनिकों में से:
101 पोर्टा केबिनों से संचालित थे
30 किराए के परिसरों में चल रहे थे
5 सरकारी भवनों में स्थित थे
1 निजी भवन में चल रहा था, जिसे किराया-मुक्त उपलब्ध कराया गया था
क्यों हुए मोहल्ला क्लीनिक बंद?
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार:
41 क्लीनिक पहले से ही डॉक्टरों की कमी के कारण बंद पड़े थे
शेष 96 क्लीनिक नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के पास स्थित थे, जिससे वे अनावश्यक हो गए
अपने चरम पर दिल्ली में 540 से अधिक मोहल्ला क्लीनिक संचालित हो रहे थे, जिनका उद्देश्य पड़ोस स्तर पर सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देना था।
आगे और भी क्लीनिक हो सकते हैं बंद
अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के नेटवर्क के लगातार विस्तार को देखते हुए, भविष्य में शेष 30 मोहल्ला क्लीनिक भी बंद किए जा सकते हैं।
81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन
इस बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। इसके साथ ही दिल्ली में ऐसे केंद्रों की कुल संख्या 319 हो गई है।
सरकार की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगभग 15 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की है, ताकि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और मजबूत किया जा सके।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के रूप में तैयार किए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से 12 आवश्यक सेवा पैकेज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
161 प्रकार की दवाओं का मुफ्त वितरण
12 प्रकार की जांच सुविधाएं
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए सभी टीकाकरण
गर्भाशय ग्रीवा, स्तन और मुख कैंसर जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों की जांच
सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस नए मॉडल का उद्देश्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत, मजबूत और अधिक प्रभावी बनाना है, ताकि नागरिकों को बेहतर और व्यापक इलाज मिल सके।