NATIONAL THOUGHTS

A Web Portal Of Positive Journalism 

दिल्ली के कूड़े के पहाड़ साफ, 2.16 करोड़ टन कचरा हटाकर 100 एकड़ जमीन खाली

Share This Post

नई दिल्ली, 31 अगस्त 2026। वर्षों से दिल्ली की पहचान और पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बने कूड़े के पहाड़ों को कम करने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण प्रगति का दावा किया है। दिल्ली सरकार के अनुसार, राजधानी की तीन प्रमुख लैंडफिल साइटों से अब तक 2.16 करोड़ मीट्रिक टन पुराने कचरे की प्रोसेसिंग की जा चुकी है। इससे करीब 100 एकड़ जमीन कचरे से मुक्त हुई है।

ओखला, भलस्वा और गाजीपुर में बड़ी कार्रवाई

दिल्ली सरकार के मुताबिक, ओखला, भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर वर्षों से जमा पुराने कचरे को हटाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, तीनों साइटों पर अब तक करीब 2.16 करोड़ मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग हुई है, जिसके बाद लगभग 100 एकड़ जमीन वापस हासिल की गई है।

ओखला में 35 एकड़ जमीन हुई खाली

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ओखला लैंडफिल साइट पर करीब 70 लाख मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग की गई है। इससे लगभग 35 एकड़ जमीन कचरे से मुक्त हुई।

वहीं, भलस्वा लैंडफिल साइट पर करीब 1.02 करोड़ मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग से लगभग 45 एकड़ जमीन खाली कराई गई है।

गाजीपुर में भी हटाया गया लाखों टन कचरा

गाजीपुर लैंडफिल साइट पर करीब 44 लाख मीट्रिक टन कचरे की प्रोसेसिंग की गई है। इससे लगभग 20 एकड़ जमीन वापस हासिल होने का दावा किया गया है।

इस तरह तीनों प्रमुख लैंडफिल साइटों से बड़ी मात्रा में पुराने कचरे को हटाकर जमीन का इस्तेमाल दोबारा करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

बायोमाइनिंग तकनीक से पुराने कचरे की प्रोसेसिंग

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि लैंडफिल साइटों पर जमा पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाने के लिए बायोमाइनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

प्रोसेसिंग के बाद निकलने वाली निष्क्रिय सामग्री का इस्तेमाल सड़क निर्माण में सब-बेस तैयार करने और निचले इलाकों को भरने जैसे कार्यों में किया जा रहा है।

प्रदूषण और दुर्गंध से मिलेगी राहत

लैंडफिल साइटों को कम करना दिल्ली में प्रदूषण, दुर्गंध और आसपास रहने वाले लोगों को होने वाली परेशानियों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पुराने कचरे के पहाड़ों का आकार घटने से आसपास के इलाकों में पर्यावरणीय दबाव कम होने और जमीन के बेहतर इस्तेमाल की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

#DelhiNews #RekhaGupta #DelhiLandfill #GhazipurLandfill #BhalswaLandfill #OkhlaLandfill #MCD #CleanDelhi #WasteManagement #BreakingNews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *