बांग्लादेश में हिंसा की आग भले ही कुछ हद तक शांत हुई हो, लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। कट्टरपंथी तत्वों द्वारा अल्पसंख्यक हिंदुओं को लगातार निशाना बनाए जाने की खबरों ने भारत समेत पड़ोसी देशों में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी है।
हिंदुओं पर टारगेटेड हमलों से भड़का गुस्सा
रिपोर्टों के मुताबिक, नफरत की इस आग में हिंदुओं के घर जलाए गए और कई निर्दोष लोगों को जिंदा जलाए जाने जैसी घटनाएं सामने आईं।
इसी सिलसिले में ढाका में हिंदू युवक दीपू दास की पीट-पीटकर हत्या और फिर उसके शव को सरेआम जलाए जाने की घटना ने आक्रोश को और भड़का दिया।
ढाका में मौन विरोध, न्याय की मांग
दीपू दास की हत्या और हिंदुओं पर हो रहे टारगेटेड हमलों के विरोध में ढाका में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय एकजुट हुआ।
यह विरोध मौन प्रदर्शन के रूप में था, जो उस व्यवस्था और नफरत के खिलाफ था जिसने धर्म के आधार पर एक युवक की जान ले ली।
ढाकेश्वरी मंदिर में श्रद्धांजलि सभा
ढाका के प्रसिद्ध ढाकेश्वरी मंदिर में हिंदू संगठनों के लोग एकत्र हुए और दीपू दास को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता जताई गई।
भारत में सड़कों पर उतरा आक्रोश
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा को लेकर भारत में भी व्यापक विरोध देखने को मिला।
जमशेदपुर में प्रदर्शन
झारखंड के जमशेदपुर में बीजेपी और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार के सलाहकार मोहम्मद यूनुस का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की।
दिल्ली में बांग्लादेशी दूतावास के बाहर प्रदर्शन
देश की राजधानी दिल्ली में बांग्लादेशी दूतावास के बाहर भी प्रदर्शनकारी जुटने लगे।
हालांकि, समय रहते दिल्ली पुलिस सक्रिय हुई और सभी प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया गया, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
सीमावर्ती राज्यों में भी विरोध
असम और त्रिपुरा में आक्रोश
असम के सीमावर्ती जिलों में बांग्लादेश के खिलाफ नाराज़गी देखी गई।
वहीं त्रिपुरा में हजारों की संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, नारेबाजी की और पुतले जलाए।
सिलचर में विरोध प्रदर्शन
सिलचर में हिंदू संगठनों ने बांग्लादेशी हिंदुओं की सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया।
नेपाल तक पहुंची विरोध की आंच
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचारों की गूंज नेपाल तक पहुंच गई।
नेपाल के आठ जिलों में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किए और बांग्लादेश के खिलाफ आवाज़ बुलंद की।
नेपाली सरकार से कड़ी मांग
नेपाल में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अपनी सरकार से मांग की कि
बांग्लादेशी दूतावास को नेपाल से हटाया जाए
बांग्लादेश के राजनयिकों को देश से बाहर किया जाए
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की बढ़ती पकड़ का आरोप
आरोप लगाए जा रहे हैं कि बांग्लादेश में जिहादी और कट्टरपंथी ताकतें सक्रिय हो चुकी हैं और हालात ऐसे बन गए हैं मानो पूरे देश पर उनका कब्जा हो गया हो।
रिपोर्टों के अनुसार, शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के कार्यकर्ताओं को भी ये कट्टरपंथी समूह निशाना बना रहे हैं।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे हमलों ने न सिर्फ देश के भीतर बल्कि भारत और नेपाल जैसे पड़ोसी देशों में भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
स्थिति पर अब पूरे दक्षिण एशिया की नज़र टिकी हुई है।