संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर है। जंतर-मंतर, संसद भवन, सेंट्रल विस्टा और नई दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों को सुरक्षा छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन, जुलूस और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।
नीट विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कॉजपा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया है। इसी को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मार्च के लिए न तो किसी प्रकार की अनुमति मांगी गई है और न ही पुलिस द्वारा अनुमति दी गई है।
उन्होंने बताया कि नई दिल्ली जिले में पहले से ही BNSS की धारा 163 लागू है। ऐसे में जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल को छोड़कर किसी भी स्थान पर बिना पूर्व अनुमति विरोध मार्च, रैली, जुलूस या प्रदर्शन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने चेतावनी दी है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत सभा या मार्च में शामिल न हों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस, हर वाहन की जांच
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए हैं और नई दिल्ली में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन की गहन जांच की जा रही है।
नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली के कई हिस्सों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। प्रमुख प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त जांच चौकियां स्थापित की गई हैं और आरक्षित पुलिस बल को भी पूरी तरह तैयार रखा गया है।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ी निगरानी
संसद मार्ग, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस, शंकर चौक और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Team) तैनात किए गए हैं।
सोनम वांगचुक की अपील के बाद बढ़ी हलचल
इस बीच विरोध प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम भी तेजी से बदल रहे हैं। दिल्ली पुलिस शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
अस्पताल से जारी अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।