दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी सहित आम आदमी पार्टी (AAP) के 12 विधायकों को विधानसभा सत्र से पूरे दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। यह निलंबन खत्म हो चुकी शराब नीति पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट पेश करने के दौरान हंगामे के कारण हुआ।
LG के अभिभाषण के दौरान AAP विधायकों का विरोध
सत्र की शुरुआत में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने सदन को संबोधित किया, लेकिन AAP विधायकों ने उनके भाषण को बाधित किया और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
स्पीकर की चेतावनी के बावजूद हंगामा जारी
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने कई बार विधायकों से शांत रहने की अपील की, लेकिन वे विरोध जारी रखते रहे। इसके चलते स्पीकर ने AAP विधायकों को दिनभर के लिए निलंबित करने का फैसला लिया।
निलंबन के बाद AAP विधायकों का धरना
निलंबन के बाद AAP विधायकों ने विधानसभा परिसर में धरना दिया। आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुख्यमंत्री कार्यालय से डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हटाकर उनका अपमान किया है।
AAP का भाजपा पर बड़ा आरोप
आतिशी ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली सचिवालय और विधानसभा में मुख्यमंत्री कार्यालय सहित सभी मंत्रियों के कार्यालयों में अंबेडकर की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा प्रधानमंत्री को अंबेडकर से बड़ा मानती है?
CAG रिपोर्ट पर सियासी घमासान
AAP विधायक गोपाल राय ने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि CAG रिपोर्ट पेश की जाए ताकि सच्चाई सामने आए। वहीं, भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने कहा कि विधानसभा में CAG रिपोर्ट, राज्यपाल के अभिभाषण और पिछली सरकार के घोटालों पर चर्चा की गई।
दिल्ली विधानसभा सत्र में AAP विधायकों के हंगामे के कारण बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जिससे आने वाले दिनों में सियासी तापमान और बढ़ सकता है।