पहले युद्ध अभ्यास ‘त्रिशूल’ और फिर ऑपरेशन राम प्रहार ने पाकिस्तान को चौकन्ना कर दिया। अब आशंका है कि भारत कहीं उसके आतंकी लॉन्चपैड्स को निशाना न बना दे, इसलिए पाकिस्तान ने इन लॉन्चपैड्स को तेजी से शिफ्ट करना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने कई टेरर कैंप्स को पीछे, अंदरूनी इलाकों में ले जाया है ताकि वे किसी संभावित भारतीय ऑपरेशन—‘सिंदूर 2.0’—के निशाने पर न आएं।
भारत का 6–8 दिसंबर के लिए NOTAM जारी
भारत ने 6 से 8 दिसंबर तक बंगाल की खाड़ी में 14,000 किमी के क्षेत्र में नो-फ्लाई ज़ोन की घोषणा की है। माना जा रहा है कि यह किसी संभावित मिसाइल परीक्षण से जुड़ा कदम है।
NOTAM यानी Notice to Air Missions एक आधिकारिक अलर्ट होता है, जिसे पायलटों, एयरलाइनों व एयर ट्रैफिक कंट्रोल को जारी किया जाता है, ताकि उड़ानों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
एक्स त्रिशूल: भारत की संयुक्त युद्ध क्षमता का प्रदर्शन
हाल ही में हुए एक्स त्रिशूल युद्ध अभ्यास में सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त ऑपरेशन्स का अभ्यास किया।
यह अभ्यास 11–12 दिनों तक चला।
बेहद बड़े क्षेत्र में तीनों सेनाओं ने समन्वित युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
भारतीय अभ्यास से घबराकर पाकिस्तान ने भी अपने क्षेत्र में दो दिन का NOTAM जारी कर दिया, ताकि उसके विमान किसी खतरनाक क्षेत्र में न पहुंच जाएं।
पाकिस्तान में हड़कंप – 72 आतंकी लॉन्चपैड शिफ्ट
भारत के सैन्य मूवमेंट से पाकिस्तान के हुक्मरानों में खौफ बढ़ गया है।
BSF के अनुसार—
72 आतंकी लॉन्चपैड्स को पाकिस्तान ने भारतीय सीमा से दूर, अपने अंदरूनी इलाकों में शिफ्ट किया है।
आतंकियों को अब बड़े समूहों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
फिलहाल सीमा पर कोई असामान्य गतिविधि नहीं दिखी है, पर पाकिस्तान का डर साफ नजर आ रहा है।
मुनीर और शाहबाज की बढ़ती बेचैनी
पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर को आशंका है कि भारत बर्फबारी के मौसम में बड़ा ऑपरेशन शुरू कर सकता है।
भारत आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाता—यह पाकिस्तान भी जानता है—इसलिए उसकी सबसे बड़ी चिंता केवल आतंकी लॉन्चपैड्स को लेकर है।
शाहबाज और मुनीर की सरकार की परेशानी साफ दिख रही है क्योंकि:
भारतीय कार्रवाई का डर बढ़ता जा रहा है
आतंकी कैंपों को हटाने की मजबूरी साफ दिखाई दे रही है