चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के पश्चिम गोदावरी जिले के नरसापुर के पास आंध्र प्रदेश के तट से गुजरने के बाद बुधवार सुबह विजयवाड़ा शहर में तेज हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। कई पेड़ उखड़ गए, सड़कें जलमग्न हो गईं और जनजीवन ठप पड़ गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तट पार करने के बाद चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर पड़ गया और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने लगा। तट पार करने की प्रक्रिया करीब पाँच घंटे चली — मंगलवार शाम 7:30 बजे शुरू होकर देर रात 12:30 बजे पूरी हुई।
भारी बारिश और जानमाल का नुकसान
चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश हुई।
* मछलीपट्टनम में 5.2 मिमी,
* नरसापुर में 9.8 मिमी,
* तुनी में 15.6 मिमी,
* काकीनाडा में 5.7 मिमी,
* विशाखापत्तनम में 0.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
नेल्लोर ज़िले में लगातार 36 घंटे बारिश हुई, कई जगहों पर सात सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
कोनासीमा ज़िले में एक पेड़ गिरने से महिला की मौत हो गई। प्रशासन ने अगले 12 घंटों तक भारी वर्षा की चेतावनी दी है।
उड़ानें और ट्रेनें रद्द
चक्रवात के असर से परिवहन व्यवस्था चरमरा गई।
* विशाखापत्तनम हवाई अड्डे पर **32**,
* विजयवाड़ा में **16**,
* तिरुपति में **4 उड़ानें** रद्द की गईं।
दक्षिण मध्य रेलवे ने **120 ट्रेनें रद्द** की हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने **45 टीमें** राहत और बचाव कार्यों के लिए तैनात की हैं।
ओडिशा में अलर्ट, राहत केंद्र सक्रिय
पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है।
मुख्यमंत्री **मोहन चरण माझी** ने बताया कि राज्य में **2,048 आपदा राहत केंद्र** स्थापित किए गए हैं और अब तक **11,396 लोगों** को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
पर्यटकों के लिए देवमाली और महेंद्रगिरि पहाड़ियों सहित समुद्र तटों पर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
राज्य के नौ जिलों में **30 अक्टूबर तक स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद** रहेंगे।
मछुआरों को चेतावनी और सरकारी तैयारी
राज्य सरकार ने मछुआरों को **29 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने** की सलाह दी है।
पूर्वी तट रेलवे ने वाल्टेयर क्षेत्र में कई ट्रेनों के **मार्ग बदले या अस्थायी रूप से रोके** हैं।
सरकारी कर्मचारियों की **सभी छुट्टियाँ रद्द** कर दी गई हैं।
फसलों को भारी नुकसान
चक्रवात के चलते आंध्र प्रदेश में लगभग **38,000 हेक्टेयर कृषि भूमि** की फसलें नष्ट हो गईं, जबकि **1.38 लाख हेक्टेयर** में बागवानी फसलें भी बर्बाद हो गईं।
आईएमडी ने जानकारी दी है कि अगले छह घंटे में चक्रवात और कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा, लेकिन भारी वर्षा और तेज हवाओं का खतरा फिलहाल बना रहेगा।