उत्तराखंड पुलिस ने एपीके फाइलों के जरिये संचालित एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह से 3.37 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पर्दाफाश हुआ है।
यह कार्रवाई एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर की गई।
तल्लीताल में संदिग्ध कार से मिला बड़ा सुराग
पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्रा और पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान शनिवार को तल्लीताल पुलिस ने दोगांव स्थित भेड़ियापाखड़ मोड़ पर एक नेक्सन कार को रोका।
कार में सवार चारों लोग संदिग्ध पाए गए।
मोबाइल, सिम, दस्तावेज़ और बैंकिंग सामग्री बरामद
गहन जांच में पुलिस को चारों के पास से बड़ी मात्रा में उपकरण और दस्तावेज़ मिले—
11 मोबाइल फोन
9 सिम कार्ड
कई आधार और पैन कार्ड
चेक बुक
क्यूआर कोड
डेबिट और क्रेडिट कार्ड
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सोशल मीडिया के जरिए एपीके फाइलें भेजकर पीड़ितों के फोन में प्रवेश कर लेते थे, फिर फोन हैक कर बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखते और धन को म्यूल खातों में ट्रांसफर कर देते थे।
दिल्ली पुलिस केस से भी निकला कनेक्शन
पुलिस के मुताबिक बरामद एक क्यूआर कोड दिल्ली पुलिस के एक मामले से जुड़े बैंक खाते से संबद्ध पाया गया है। इस संबंध में अब दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है।
प्रारंभिक बैंक जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के खातों से 3.37 करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन किया गया है।
चार आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
शुभम गुप्ता – अलवर, राजस्थान
पीयूष गोयल – बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश
ऋषभ कुमार – गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश
मोहित राठी – गुरुग्राम, हरियाणा
महंगे मोबाइल और कार जब्त
आरोपियों के पास से जब्त किए गए सामान में—
सैमसंग फोल्ड
आईफोन
ओप्पो रेनो
वनप्लस
अन्य महंगे स्मार्टफोन
इसके अलावा आरोपियों द्वारा उपयोग की गई नेक्सन कार भी जब्त की गई है।
पुलिस टीम को सम्मान
इस सफल और त्वरित कार्रवाई के लिए एसएसपी ने पुलिस टीम को ₹5,000 का पुरस्कार देने की घोषणा की है।