राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन अब अहम मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों की शुक्रवार को केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस वार्ता से समाधान की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि प्रदर्शनकारी साफ कर चुके हैं कि ठोस फैसले होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
वार्ता के बावजूद आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अभ्यर्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होने तक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
जंतर-मंतर पर छात्रों की प्रमुख मांगें
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे हजारों छात्रों ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से—
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच।
प्रभावित अभ्यर्थियों को उचित राहत।
भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था।
हालिया प्रदर्शनों के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें भी हुईं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कई इलाकों में यातायात नियंत्रित किया गया।
सरकार ने दिए सुधार और सख्त कानून के संकेत
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी है। सरकार की ओर से पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून, मामलों की फास्ट-ट्रैक सुनवाई और परीक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक सुधारों का आश्वासन दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पेपर लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे का भरोसा दिलाया है।
युवाओं का संदेश—अब सिर्फ आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि वे केवल घोषणाओं से संतुष्ट नहीं होंगे। उनका मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, संस्थागत जवाबदेही और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
परीक्षा से आगे बढ़ा आंदोलन का दायरा
छात्रों का यह आंदोलन अब केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है। यह बेरोजगारी, समान अवसर, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सरकारी व्यवस्थाओं पर युवाओं के भरोसे से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। ऐसे में सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली आज की वार्ता पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।