तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने सोमवार को कहा कि राज्य में गठबंधन ही राजनीतिक वास्तविकता है और किसी भी दल के लिए अकेले चुनाव जीतना संभव नहीं है।
सीटों से आगे बढ़कर सत्ता साझेदारी की मांग
मणिक्कम टैगोर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है कि केवल सीटों के बंटवारे तक सीमित न रहा जाए, बल्कि सत्ता के बंटवारे (Power Sharing) पर भी गंभीर चर्चा की जाए। उन्होंने कहा कि हर पार्टी का अपना मतदाता आधार होता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निजी सर्वे पर उठाए सवाल
निजी संगठन आईपीडीएस द्वारा किए गए हालिया सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए टैगोर ने कहा कि ये आंकड़े तमिलनाडु में कांग्रेस और अन्य दलों की वास्तविक ताकत को पूरी तरह नहीं दर्शाते। उनके अनुसार, सर्वे में जमीनी हकीकत का सही आकलन नहीं किया गया है।
कांग्रेस-डीएमके के बीच बातचीत शुरू
तमिलनाडु के एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडंकर ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व ने डीएमके के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि 3 दिसंबर को मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष से मुलाकात हुई थी और गठबंधन को जल्द अंतिम रूप देने का अनुरोध किया गया था। कांग्रेस को अब भी डीएमके के साथ गठबंधन की उम्मीद है।
एनडीए में दरार डालने का आरोप
इससे पहले, मणिक्कम टैगोर ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा एआईएडीएमके को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को “अमित शाह एआईएडीएमके” में बदला जा रहा है।