उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शनिवार को महाकुंभ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। यह सर्वेक्षण उन्होंने वसंत पंचमी की तैयारियों का जायजा लेने के लिए किया, जो 2 फरवरी को मनाई जाएगी। इस दौरान सीएम योगी ने महाकुंभ भगदड़ स्थल का भी दौरा किया और वहां पर हुई घटना को लेकर अपने विचार साझा किए।
महाकुंभ भगदड़ स्थल का दौरा
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ भगदड़ स्थल का दौरा करते हुए कहा, “मैं उन ‘संतों’ को बधाई देता हूं जिन्होंने मौनी अमावस्या के अवसर पर हमारे सामने आई चुनौती का धैर्यपूर्वक सामना किया। कुछ महान आत्माएँ उस दुर्घटना का शिकार हो गईं, लेकिन इस स्थिति में हमारे ‘संतों’ ने रक्षक की भूमिका निभाई और धैर्य और साहस से उस चुनौती पर विजय प्राप्त की।”
सनातन धर्म पर बयान
योगी ने कहा कि कुछ लोग सनातन धर्म का विरोध कर रहे थे और आशा कर रहे थे कि हमारे ‘संतों’ का धैर्य टूटेगा, लेकिन हमारे संतों ने धैर्य और साहस के साथ उनकी कोशिशों का मुंह तोड़ जवाब दिया। उन्होंने आगे कहा, “हमें इन पूज्य संतों के मार्गदर्शन में सनातन धर्म के मूल्यों और आदर्शों के साथ आगे बढ़ते हुए सनातन धर्म के खिलाफ गुमराह करने वालों और षड्यंत्रकर्ताओं से सावधान रहना होगा। जब तक हमारे संतों का सम्मान होगा, तब तक सनातन धर्म को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता।”
बसंत पंचमी की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
मौनी अमावस्या के बाद यह मुख्यमंत्री का पहला दौरा है। उन्होंने बसंत पंचमी के स्नान को सकुशल संपन्न कराने के लिए लखनऊ से दो अनुभवी अधिकारियों समेत सात पुलिस अधिकारियों को महाकुंभ मेले में तैनात किया है।
इसके अलावा, सीएम योगी प्रयागराज में महाकुंभ नगर आ रहे उपराष्ट्रपति की आगवानी करने के लिए हवाईअड्डे जाएंगे और महाकुंभ नगर में विभिन्न कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। सीएम योगी 73 देशों से आ रहे राजनयिकों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और इस दौरान भगदड़ स्थल का दौरा करते हुए सनातन धर्म को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। उनका यह कदम महाकुंभ मेले के आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत करने का है।