पाकिस्तान अक्सर यह आरोप लगाता है कि भारत कश्मीर में विकास नहीं करता, जबकि खुद पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में शानदार विकास करने का दावा करता है। लेकिन हकीकत इससे उलट है। पीओके के लोग इस्लामाबाद पर उनके संसाधनों के दोहन का आरोप लगाते हैं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर बार-बार विरोध प्रदर्शन करते हैं। हाल ही में हुए आंदोलनों के दौरान भारत में शामिल होने के समर्थन में नारेबाजी भी देखी गई थी।
जम्मू-कश्मीर के विकास से पीओके के लोग प्रभावित
जम्मू-कश्मीर में स्मार्ट सिटी अभियान के तहत शहरों का बदला स्वरूप, सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और आर्थिक उन्नति देखकर पीओके के लोग भी बेहतर जीवन की उम्मीद करने लगे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ भारतीय नेता पाकिस्तान के दुष्प्रचार का समर्थन कर रहे हैं।
विधानसभा में उमर अब्दुल्ला का पलटवार
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक सैफुल्लाह मीर ने पीओके के बुनियादी ढांचे को बेहतर बताया, तो भाजपा विधायक आरएस पठानिया ने इसका विरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कश्मीर के दोनों हिस्सों की कोई तुलना नहीं की जा सकती।
“हमने अपनी सड़कों के लिए चीन-अमेरिका से मदद नहीं मांगी”
उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि पीओके में जो भी विकास हुआ है, वह पाकिस्तान की नहीं बल्कि चीन की मदद से हुआ है। उन्होंने कहा,
“हमने अपनी सड़कों और बुनियादी ढांचे के लिए कभी चीन, अमेरिका, इंग्लैंड या फ्रांस से मदद नहीं मांगी। लेकिन सीमा पार पाकिस्तान ने चीन की सहायता से सड़कें बनाई हैं।”
विधानसभा में गरमाया माहौल
भाजपा विधायक पठानिया ने पीओके की तारीफ करने पर सैफुल्लाह मीर की आलोचना की और इसे देशद्रोह करार दिया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर गुरेजी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद गनी लोन ने मीर का समर्थन किया।
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखने की अपील की।
“पीओके की हालत खराब, भारत में विकास स्पष्ट”
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि,
“सीमा पार की स्थिति बहुत खराब है। पाकिस्तान वहां दिखावटी विकास कर रहा है, लेकिन वह भी उसने खुद नहीं किया, बल्कि चीन की मदद से किया है। जम्मू-कश्मीर के हर हिस्से में विकास हुआ है और हम अपने संसाधनों से आगे बढ़ रहे हैं।”
पीओके में विकास को लेकर पाकिस्तान के झूठे दावों को लेकर भारतीय विधानसभा में भी बहस छिड़ गई। उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि भारत के हिस्से का कश्मीर बिना बाहरी मदद के विकास कर रहा है, जबकि पाकिस्तान को चीन पर निर्भर रहना पड़ता है। पीओके के लोग भी अब सच्चाई समझने लगे हैं और बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रहे हैं।