भारतीय सेना के वायु रक्षा प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल सुमेर इवान डी’कुन्हा ने कहा है कि अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के प्रमुख ग्रंथी ने सेना को परिसर में एयर डिफेंस गन तैनात करने की अनुमति दी थी। यह अनुमति पाकिस्तान से संभावित ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे के चलते दी गई थी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिली थी तैनाती की अनुमति
लेफ्टिनेंट जनरल डी’कुन्हा ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने अमृतसर को कई बार निशाना बनाने की कोशिश की। इस खतरे को देखते हुए, मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर रोशनी बंद करने और गन तैनात करने की अनुमति दी।
सेना ने बताया पाक के मंसूबों को किया नाकाम
डी’कुन्हा ने कहा कि पाकिस्तानी हमलों को देखते हुए सेना ने पहले से आशंका जताई थी कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के पास वैध सैन्य लक्ष्य नहीं थे, इसलिए वह भ्रम और अराजकता फैलाने के लिए नागरिक और धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकता था।”
1000 से अधिक पाकिस्तानी ड्रोन किए गए नष्ट
सेना ने बताया कि पाकिस्तान ने करीब 1,000 ड्रोन भारत की ओर भेजे, जिन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों पर हमला किया।
मेजर जनरल शेषाद्री का दावा – सभी हमले नाकाम
15वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्री ने कहा कि स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिशें की गईं, लेकिन हमारे एयर डिफेंस गनर्स ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया।
SGPC ने सेना के दावे को नकारा
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सेना के दावे को खारिज कर दिया है। SGPC ने कहा कि स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाए जाने या परिसर में गन तैनाती की बात सही नहीं है। उन्होंने सेना के बयान को “भ्रामक” करार दिया।