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जंतर-मंतर पर CJP का हल्लाबोल, सुरक्षा बढ़ी

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‘चलो संसद’ मार्च के दौरान सोमवार को हुई हिंसा और पुलिस के साथ झड़प के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को एक बार फिर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देर रात प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति दी।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था भंग करने या हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है CJP का आंदोलन?

CJP परीक्षा प्रणाली में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के विरोध में चल रहा एक आंदोलन है। संगठन का कहना है कि उसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

यह आंदोलन 20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और छात्र संगठन AISA से जुड़े कई छात्रों के समर्थन के बाद आंदोलन को और गति मिली।

संसद मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है।

हालांकि जंतर-मंतर के आसपास सामान्य यातायात जारी है, लेकिन संसद मार्ग और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी दोबारा संसद की ओर मार्च करने का प्रयास कर सकते हैं।

विपक्षी नेताओं के पहुंचने की संभावना

सूत्रों के मुताबिक, कई विपक्षी नेताओं के भी जंतर-मंतर पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

हिंसा के मामले में FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस ने सोमवार के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है, ताकि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।

CJP की प्रमुख मांगें

CJP प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।

संगठन की प्रमुख मांगें हैं—

NEET-UG में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।

आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर पुनर्विचार।

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है, लेकिन कोई ठोस फैसला अभी नहीं हुआ है।

वहीं, संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि अब सरकार को बातचीत करनी है तो उसे प्रदर्शन स्थल पर आना होगा।

100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल होने का दावा

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोमवार को ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में 100 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान घायल हुए।

पुलिस का कहना है कि कई जवानों को फ्रैक्चर सहित गंभीर चोटें आई हैं और उनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

70 लोगों को हिरासत में लिया गया

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच की जा रही है।

साथ ही, प्रदर्शन के दौरान 15 से 20 पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

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