चीन के एक वरिष्ठ डिप्लोमैट ने भारत का नाम लेते हुए ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हलचल मचा दी है। हाल ही में नाटो प्रमुख मार्क रूटे द्वारा भारत और चीन को रूस से तेल खरीदने पर धमकी देने के बाद यह बयान आया है। रूटे ने कहा था कि यदि भारत और चीन रूस से तेल लेना बंद नहीं करते, तो उन पर 100% टैरिफ लगाया जाएगा। साथ ही उन्होंने मांग की थी कि दोनों देश राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन के साथ शांति समझौते के लिए राजी करें।
भारत का कड़ा पलटवार
भारत ने नाटो की इस धमकी को सख्ती से खारिज किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो टूक कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम किसी के दबाव में नहीं आएंगे। उन्होंने दोहरे मापदंडों पर चेतावनी देते हुए कहा कि भारत अपने नागरिकों की बुनियादी जरूरतों के लिए स्वतंत्र निर्णय लेगा।
चीन का चौंकाने वाला ऑफर
भारत की प्रतिक्रिया के बाद चीन ने भी मोर्चा संभाला। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने भारत को एक असाधारण प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि चीन, भारत और रूस मिलकर फिर से आरआईसी ट्रायका (RIC Troika) गठबंधन को सक्रिय करें, तो यह गठजोड़ नाटो के शक्ति संतुलन को बदल सकता है। उन्होंने इसे न केवल तीनों देशों के हित में बताया, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण करार दिया।
रूस भी साथ, RIC गठबंधन को लेकर उत्साहित
इस दिशा में रूस भी पीछे नहीं है। रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुदेंको ने कहा कि मॉस्को भारत और चीन के साथ मिलकर RIC प्रारूप को फिर से सक्रिय करने को लेकर बातचीत कर रहा है। उन्होंने बताया कि तीनों देश न केवल ब्रिक्स के संस्थापक हैं बल्कि वैश्विक रणनीतिक साझेदार भी हैं। रूस इस गठबंधन को सफल बनाना चाहता है।
क्या बदल जाएगा नाटो का नक्शा?
यदि RIC ट्रायका दोबारा जीवित होता है तो यह अमेरिका और नाटो के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका हो सकता है। भारत, चीन और रूस के एक साथ आने से वैश्विक शक्ति संतुलन पर गहरा असर पड़ेगा। हालांकि, इस पर भारत की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।