आज यानी 3 मार्च को पूर्ण चंद्रग्रहण लग रहा है, जो भारत में भी दिखाई देगा। यह चंद्रग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सिंह राशि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और धृति योग में हो रहा है।
इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर लगभग 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगा। भारत में इसे शाम 6 बजकर 33 मिनट से 6 बजकर 40 मिनट के बीच देखा जा सकेगा।
सूतक काल का समय
चंद्रग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
सूतक काल सुबह 6 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ
ग्रहण के मोक्ष (समापन) पर समाप्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
किन राशियों पर क्या रहेगा प्रभाव?
अशुभ प्रभाव वाली राशियाँ
मेष राशि – मानसिक तनाव और कष्ट का सामना करना पड़ सकता है।
वृषभ राशि – व्यथा या परेशानी का अनुभव हो सकता है।
कर्क राशि – ग्रहण काल काफी कष्टदायक रह सकता है।
सिंह राशि – मानसिक पीड़ा बढ़ सकती है।
कन्या राशि – बड़ी हानि की आशंका बन सकती है।
मकर राशि – यह समय अशुभ संकेत दे सकता है।
कुंभ राशि – ग्रहण का प्रभाव घातक या अत्यधिक चुनौतीपूर्ण रह सकता है।
शुभ या मिश्रित प्रभाव वाली राशियाँ
मिथुन राशि – ग्रहण शुभ फल दे सकता है।
तुला राशि – लाभ के योग बन सकते हैं।
वृश्चिक राशि – सुख की प्राप्ति हो सकती है।
धनु राशि – सुख और शिक्षा के क्षेत्र में लाभ संभव है।
मीन राशि – सकारात्मक परिणाम और सुख मिलने के संकेत हैं।
चंद्रग्रहण का प्रभाव व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर करता है। ऐसे में ग्रहण काल में सावधानी बरतना, पूजा-पाठ करना और सकारात्मक सोच बनाए रखना शुभ माना जाता है।