केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3,850 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को मंजूरी दी, जो किसानों के लिए डीएपी (डायमोनियम फास्फेट) की आपूर्ति को सस्ता करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
विशेष पैकेज का मुख्य उद्देश्य
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस पैकेज का उद्देश्य तेजी से मूल्यांकन, दावे का निपटान और विवादों को कम करना है। इसके लिए 800 करोड़ रुपये का फंड नवाचार और प्रौद्योगिकी के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही, प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने का भी निर्णय लिया गया, जिससे नामांकन और कवरेज बढ़ाना आसान होगा।
पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए विशेष ध्यान
इस पैकेज में विशेष ध्यान पूर्वोत्तर राज्यों और हिमालयी क्षेत्रों पर दिया गया है, जहां फंडिंग पैटर्न 90:10 है, जबकि अन्य राज्यों के लिए यह 50:50 निर्धारित किया गया है।
डीएपी की सस्ती कीमत
मंत्री ने बताया कि किसानों को 1,350 रुपये प्रति 50 किलोग्राम बैग पर डीएपी मिलेगा, जबकि अन्य देशों में इसकी कीमत 3,000 रुपये से अधिक है। यह कदम किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए उठाया गया है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में उर्वरक सब्सिडी का इतिहास
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 2014 से अब तक उर्वरक सब्सिडी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2014-24 के दौरान 11.9 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी दी गई, जो 2004-14 के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक है।
इस फैसले से किसानों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।