वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को केंद्रीय बजट 2025 पेश करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। इनमें किराए पर स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की वार्षिक सीमा को 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया।
टीडीएस सीमा में वृद्धि
निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब किराए पर टीडीएस की सीमा 2.40 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये की जाएगी, जिससे करदाताओं को राहत मिलेगी।
रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा में बदलाव
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि किसी भी आकलन वर्ष के लिए अद्यतन रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को मौजूदा दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जाएगा। यह कदम करदाताओं को समय पर अपने रिटर्न सुधारने का अतिरिक्त अवसर देगा।
टीसीएस छूट और शिक्षा ऋण
बजट में शिक्षा के प्रयोजनों के लिए टीसीएस (स्रोत पर एकत्रित कर) की छूट का भी प्रस्ताव रखा गया। खासकर उन मामलों में, जहां शिक्षा ऋण निर्दिष्ट वित्तीय संस्थानों से लिया गया है। यह कदम शिक्षा क्षेत्र में प्रोत्साहन देने का प्रयास है।
कर विवाद निपटान और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत
सीतारमण ने बताया कि 33,000 करदाताओं ने ‘विवाद से विश्वास 2.0’ योजना का लाभ उठाया है, जो प्रत्यक्ष कर विवादों के निपटारे में मदद करता है। इसके साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज आय पर कर कटौती की सीमा को दोगुना करके ₹1 लाख कर दिया गया है, जिससे उन्हें वित्तीय राहत मिलेगी।
स्टार्टअप्स के लिए लाभकारी कदम
बजट में स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दिया गया है। अब उन्हें कर लाभ प्राप्त करने के लिए निगमन की अवधि को पांच वर्ष तक बढ़ा दिया गया है, जिससे उन्हें और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
केंद्रीय बजट 2025 ने करदाताओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई राहतों का प्रस्ताव किया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।