शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे के साथ भविष्य के राजनीतिक गठबंधन को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि दोनों भाई मिलकर कोई भी फैसला लेने में सक्षम हैं और इसमें कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ ब्लॉक का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा।
उपराष्ट्रपति चुनाव पर भी बोले उद्धव
उपराष्ट्रपति चुनाव के सवाल पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी यह फैसला भाजपा द्वारा अपने उम्मीदवार की घोषणा करने के बाद ही करेगी। उन्होंने जगदीप धनखड़ के अचानक पद छोड़ने पर भी सवाल उठाया।
सरकार और चुनाव आयोग पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने स्थानीय निकाय चुनावों में वीवीपैट वोटर ट्रेल मशीनों का इस्तेमाल न करने के राज्य चुनाव आयोग के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह फैसला पारदर्शिता पर सवाल उठाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘किसान सर्वोच्च प्राथमिकता हैं’ वाली टिप्पणी पर भी उद्धव ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2020-21 के कृषि विधेयकों के विरोध के दौरान सरकार ने किसानों की परवाह नहीं की, उन्हें दिल्ली आने से रोका गया और उन पर लाठीचार्ज हुआ।
“सरकार का असली चेहरा सामने आ रहा है”
ठाकरे ने कहा कि अब हर कोई खुद को किसान का बेटा बता रहा है, जबकि प्रदर्शन के दौरान किसानों को नक्सली कहा गया था। उन्होंने कहा, “आपको तब किसान याद नहीं आए। अब आपको किसान याद आ रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के झूठ अब एक-एक करके सामने आ रहे हैं और उनका असली चेहरा उजागर हो रहा है।