गाजा युद्ध, इज़राइल और भारत की विदेश नीति को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के लेख के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मामलों में भी वोट बैंक की राजनीति कर रही है और विदेश नीति पर दोहरे मापदंड अपना रही है।
सोनिया गांधी के लेख पर भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने सोनिया गांधी के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस गाजा के मुद्दे पर मुखर है, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप्पी साध लेती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रवैया उसके दोहरे मानदंडों को दर्शाता है और पार्टी विदेश नीति के मुद्दों को भी वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है।
“भारत का गाजा पर रुख हमेशा स्पष्ट रहा”
पूनावाला ने कहा कि भारत ने गाजा मुद्दे पर हमेशा संतुलित और स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी स्थिति स्पष्ट की है और मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की इसी नीति के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिलिस्तीन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया था।
“भारत सभी पक्षों से संवाद करने में सक्षम”
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भारत की विदेश नीति की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह वैश्विक संघर्षों में सभी पक्षों से संवाद बनाए रखने में सक्षम है।
उन्होंने कहा, “भारत फिलिस्तीन और इज़राइल दोनों से बात कर सकता है। भारत यूक्रेन और रूस दोनों के साथ संवाद रखता है। इसी तरह अमेरिका और ईरान के साथ भी संबंध बनाए हुए है।”
पूनावाला ने कहा कि भारत अब केवल ‘गुटनिरपेक्ष’ नहीं, बल्कि ‘सभी के साथ जुड़े हुए’ (All-Aligned) दृष्टिकोण पर काम कर रहा है।
कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप
शहज़ाद पूनावाला ने कांग्रेस पर विदेश नीति जैसे गंभीर विषय पर भी “सस्ती वोट बैंक की राजनीति” करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह पुरानी आदत रही है कि वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को भी राजनीतिक लाभ के चश्मे से देखने की कोशिश करती है।
सोनिया गांधी ने क्या कहा?
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने लेख में सोनिया गांधी ने गाजा संघर्ष को लेकर केंद्र सरकार के रुख की आलोचना की थी।
उन्होंने जून 2026 में संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि गाजा में इज़राइल की सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों को निशाना बनाकर फिलिस्तीनी आबादी के अस्तित्व को कमजोर करना था।
गाजा मुद्दे पर तेज हुई राजनीतिक बहस
सोनिया गांधी के लेख और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद गाजा युद्ध तथा भारत की विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
जहां कांग्रेस सरकार के रुख पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा का कहना है कि भारत ने हमेशा संतुलित, स्वतंत्र और राष्ट्रीय हितों के अनुरूप विदेश नीति अपनाई है। ऐसे में गाजा का मुद्दा अब घरेलू राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।