निर्मला सीतारमण और विजय रूपाणी बने पर्यवेक्षक
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद भी मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी है। इस बीच, सोमवार को भाजपा ने निर्मला सीतारमण और विजय रूपाणी को विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया। यह कदम तब उठाया गया जब शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने उपमुख्यमंत्री बनने की अफवाहों का खंडन किया और स्पष्ट किया कि वे मंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं।
गृह मंत्रालय की मांग पर अड़े एकनाथ शिंदे
शिंदे के रुख ने बढ़ाई चुनौतियां
एकनाथ शिंदे, जो शिवसेना से अलग हुए गुट का नेतृत्व करते हैं, गृह मंत्रालय की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि, भाजपा के स्थानीय नेता उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक शिंदे ने उनसे मुलाकात के लिए समय नहीं दिया।
स्वास्थ्य कारणों से ठाणे लौटे शिंदे
बीमार पड़ने के बाद शिंदे सतारा स्थित अपने गांव से ठाणे लौट आए हैं। वापसी के बाद भी उन्होंने भाजपा नेताओं से संपर्क नहीं किया, जिससे सरकार गठन में देरी हो रही है।
देवेंद्र फडणवीस बन सकते हैं मुख्यमंत्री
BJP के विधायक दल की बैठक की तैयारी
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, देवेंद्र फडणवीस का नाम नए मुख्यमंत्री के तौर पर तय हो गया है। उन्हें 2 या 3 दिसंबर को होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में नेता चुना जाएगा। निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी भाजपा के फैसले का समर्थन करने की बात कही है।
नए समीकरणों की ओर बढ़ता महाराष्ट्र
विधायक दल की बैठक और सीएम पद के औपचारिक ऐलान के बाद, महाराष्ट्र में सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र में भाजपा के फैसले से राजनीतिक गतिरोध खत्म होने की संभावना है। अब सभी की निगाहें 2-3 दिसंबर को होने वाली विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं, जहां देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने की औपचारिक घोषणा हो सकती है।