बिहार विधानसभा चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सीट बंटवारे को अंतिम रूप देने के कगार पर है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच लगभग सहमति बन गई है। दोनों प्रमुख सहयोगी दल 243 सीटों में से बराबर-बराबर यानी लगभग 100 से 105 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं।
लोजपा (आरवी) को मिल सकती हैं 20 सीटें
चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [लोजपा (आरवी)] को करीब 20 सीटें मिलने की संभावना है। हालाँकि, पार्टी की ओर से 40 सीटों की मांग की जा रही है।
लोकसभा चुनाव 2024 का असर
लोजपा (आरवी) का तर्क 2024 के लोकसभा चुनावों में उसके मजबूत प्रदर्शन पर आधारित है। पार्टी ने अपने द्वारा लड़ी गई सभी पाँच सीटों पर जीत हासिल की थी और 6% से अधिक वोट शेयर पाया था। साथ ही, 30 विधानसभा क्षेत्रों में से 29 पर बढ़त भी बनाई थी।
2020 विधानसभा चुनाव का अनुभव
लोजपा ने 2020 विधानसभा चुनाव में 135 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ़ मटिहानी सीट जीत पाई थी। इसके बावजूद, जद(यू) के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के उसके फैसले ने एनडीए को नुकसान पहुँचाया। 64 सीटों पर पार्टी को विजेता के अंतर से ज़्यादा वोट मिले और 27 सीटों पर दूसरे स्थान पर रही, जिससे जद(यू) को सीधा नुकसान उठाना पड़ा।